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हमारी राजव्यवस्था के निम्नलिखित पक्ष पर आपातकाल का क्या असर हुआ? जनसंचार माध्यमों के कामगाज

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प्रश्न

हमारी राजव्यवस्था के निम्नलिखित पक्ष पर आपातकाल का क्या असर हुआ?

जनसंचार माध्यमों के कामगाज

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उत्तर

जनसंचार माध्यमों के कामगाज - आपातकाल का जनसंचार माध्यमों पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ा। आपातकालीन प्रावधानों के अंतर्गत प्राप्त अपनी शक्तियों पर अमल करते हुए सरकार ने प्रेस की आज़ादी पर रोक लगा दी। जनसंचार माध्यमों का कामकाज बाधित हुआ। समाचार - पत्रों को कहा गया की कुछ भी छापने से पहले अनुमति लेनी जरुरी है। इसे प्रेस सेंसरशिप के नाम से जाना जाता है। 'इंडियन एक्सप्रेस' और 'स्टेट्समैन ' जैसे अख़बारों ने प्रेस पर लगी सेंसरशिप का विरोध किया। जिन समाचारों को छापने से रोका जाता था उनकी जगह ये अख़बार खाली छोड़ देते थे। 'सेमिनार' और 'मेनस्ट्रीम' जैसी पत्रिकाओं ने सेंसरशिप के आगे घुटने टेकने की जगह बंद होना मुनासिब समझा।

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आपातकाल के संदर्भ में विवाद
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अध्याय 6: लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट - प्रश्नावली [पृष्ठ १२६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rajneeti Vigyaan Swatantra Bharat me Rajneeti [Hindi] Class 12
अध्याय 6 लोकतांत्रिक व्यवस्था का संकट
प्रश्नावली | Q 8. (ग) | पृष्ठ १२६
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