हिंदी

हमारे शरीर में ग्राही का क्या कार्य है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हमारे शरीर में ग्राही का क्या कार्य है?

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

ग्राही के कार्य:

  • वे बाहरी उत्तेजनाओं जैसे गर्मी या दर्द को महसूस करते हैं।
  • ग्राही सवेंदनशील अंगों में होती है। जैसे आंतरिक कान, नाक, जीभ, आंख आदि।
  • वे संवेदी तंत्रिकाकोशिका में एक आवेग भी उत्पन्न करते हैं जो रीढ़ की हड्डी को संदेश भेजता है।
  • इनके द्वारा व्यकित पर्यावरण से स्वयं संतुलित करता है। ये पर्यावरण से सूचनाएँ ग्रहण करते है।
shaalaa.com
जंतु - तंत्रिका तंत्र
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 6: नियंत्रण एवं समन्वय - अभ्‍यास [पृष्ठ १२४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
अध्याय 6 नियंत्रण एवं समन्वय
अभ्‍यास | Q 4. (i) | पृष्ठ १२४

संबंधित प्रश्न

दो तंत्रिका कोशिका के मध्य खाली स्थान को कहते हैं-


जंतुओं में नियंत्रण एवं समन्वय के लिए तंत्रिका तथा हॉर्मोन क्रियाविधि की तुलना तथा व्यतिरेक (contrast) कीजिए।


न्यूटरॉन में विद्युत आवेग कहाँ से आरंभ होकर कहाँ तक जाते हैं?


मेरुरज्जु निकलती है -


इंसुलिन के बारे में गलत कथन चुनिए -


बेमेल युग्म को चुनिए -


सूर्य के मार्ग के अनुसार सूरज की गति किसके कारण होती है?


निम्नलिखित का उत्तर दीजिए -

कौन-सी ग्रंथि पाचक एंजाइमों के साथ-साथ हॉर्मोनों का भी स्राव करती है?


केंद्रीय और परिधीय तंत्रिका तंत्रों के भाग कौन-कौन से हैं? केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के भागों की सुरक्षा कैसे होती है?


ऐसी स्थिति पर विचार कीजिए जहाँ ग्राही उचित प्रकार से कार्य नहीं कर रहे हों। क्या समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×