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हम कब कहते हैं कि बाजार में किसी वस्तु के लिए अधिमाँग है?

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प्रश्न

हम कब कहते हैं कि बाजार में किसी वस्तु के लिए अधिमाँग है?

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उत्तर

जब किसी वस्तु की बाजार माँग उसकी बाजार पूर्ति से अधिक होती है, तो इसे अधिमाँग कहा जाता है। यह संतुलन कीमत से कम कीमत पर होता है, इसे अभावी पूर्ति भी कहते हैं।

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संतुलन, अधिमाँग, अधिपूर्ति
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अध्याय 5: बाज़ार संतुलन - अभ्यास [पृष्ठ ९७]

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एनसीईआरटी Vyashti Arthashastra Ek Parichay [Hindi] Class 11
अध्याय 5 बाज़ार संतुलन
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ ९७

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बाजार संतुलन की व्याख्या कीजिए।


हम कब कहते हैं कि बाजार में किसी वस्तु के लिए अधिपूर्ति है?


क्या होगा यदि बाजार में प्रचलित मूल्य है?

संतुलन कीमत से अधिक।


फर्मों की एक स्थिर संख्या होने पर पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार में कीमत का निर्धारण किस प्रकार होता है? व्याख्या कीजिए।


मान लीजिए कि अभ्यास 5 में संतुलन कीमत बाजार में फर्मों की न्यूनतम औसत लागत से अधिक है। अब यदि हम फर्मों के निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति दे दें तो बाजार कीमत इसके साथ किस प्रकार समायोजन करेगी?


पूर्ति तथा माँग वक्रों का उपयोग करते हुए दर्शाइए कि जूतों की कीमतों में वृद्धि, खरीदी व बेची जाने वाली मोजों की जोड़ी की कीमतों को तथा संख्या को किस प्रकार प्रभावित करती है?


जब उत्पादन में प्रयुक्त आगतों की कीमतों में परिवर्तन होता है, तो किसी वस्तु की संतुलन कीमत तथा मात्रा किस प्रकार प्रभावित होती है?


बाजार फर्मों की संख्या स्थिर होने पर तथा निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की स्थिति में माँग वक्र के स्थानान्तरण का संतुलन पर प्रभाव की तुलना कीजिए।


माँग तथा पूर्ति वक्र दोनों के दायीं ओर शिफ्ट का, संतुलन कीमत तथा मात्रा पर प्रभाव को एक आरेख द्वारा समझाइए।


माँग वक्र में शिफ्ट का कीमत पर अधिक तथा मात्रा पर कम प्रभाव होता है, जबकि फर्मों की संख्या स्थिर रहती है। स्थितियों की तुलना करें जब निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति हो। व्याख्या करें।


मान लीजिए, एक पूर्ण प्रतिस्पर्धा बाजार में वस्तु X की माँग तथा पूर्ति वक्र निम्न प्रकार दिए गए हैं।

qD = 700 - p
qs = 500 + 3p क्योंकि p ≥ 15
= 0 क्योंकि 0 ≤ p < 15
मान लीजिए कि बाजार में समरूपी फर्मे हैं। 15 ₹ से कम, किसी भी कीमत पर वस्तु x की बाजार पूर्ति के शून्य होने के कारण की पहचान कीजिए। इस वस्तु के लिए संतुलन कीमत क्या होगी? संतुलन की स्थिति में
की कितनी मात्रा का उत्पादन होगा?


फर्मों को वस्तु का उत्पादन करने के निर्बाध प्रवेश तथा बहिर्गमन की अनुमति देते हैं। यह भी मान लीजिए कि बाजार समानरूपी फर्मों से बना है जो वस्तु x का उत्पादन करती है। एक अकेली फर्म का पूर्ति वक्र निम्न प्रकार है-

qs f = 8 + 3p क्योंकि p ≥ 20 
= 0 क्योंकि 0 ≤ p < 20

  1. P = 20 का क्या महत्व है?
  2. बाजार में x के लिए किस कीमत पर संतुलन होगा? अपने उत्तर का कारण बताइए।
  3. संतुलन मात्रा तथा फर्मों की संख्या का परिकलन कीजिए।

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