हिंदी

हम एक अगरबत्ती की गंध का पता कैसे लगाते हैं? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हम एक अगरबत्ती की गंध का पता कैसे लगाते हैं?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

जब अगरबत्ती की गंध हमारी नाक तक पहुँचती है तो हमारी नाक में मौजूद घ्राणग्राही इसे पहचान लेते हैं और इस जानकारी को विद्युत संकेतों के रूप में अग्र मस्तिष्क (forebrain) तक भेजते हैं। स्तिष्क इस जानकारी को अगरबत्ती की गंध के रूप में समझता है, क्योंकि यह जानकारी पहले से वहां संग्रहीत होती है।

shaalaa.com
जंतु - तंत्रिका तंत्र
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: नियंत्रण एवं समन्वय - प्रश्न 1 [पृष्ठ १३२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
अध्याय 7 नियंत्रण एवं समन्वय
प्रश्न 1 | Q 4. | पृष्ठ १३२

संबंधित प्रश्न

हमारे शरीर में ग्राही का क्या कार्य है?


एक तंत्रिका कोशिका (न्यूरॉन) के कार्यों का वर्णन कीजिए।


मेरुरज्जु आघात में किन संकेतों के आने में व्यवधान होगा?


सिनेप्स पर,  रासायनिक संकेत का संप्रेषण होता है


शरीर की भंगिका और संतुलन का नियंत्रण होता है -


द्वार-कोशिकाओं की आकृति किसके परिवर्तन के कारण बदल जाती है?


सूर्य के मार्ग के अनुसार सूरज की गति किसके कारण होती है?


निम्नलिखित में से कौन-सी क्रिया अनैच्छिक नहीं है?


यौवनरंभ से संबंधित शरीर के लक्षणों में महत्वपूर्ण परिवर्तन प्रमुखतः किसके स्रवण के कारण होते हैं?


प्रतिवर्ती क्रियाएँ क्या होती हैं? कोई दो उदाहरण दीजिए। प्रतिवर्ती चाप की व्याख्या कीजिए


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×