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गवरइया की इच्छा पूर्ति का क्रम घूरे पर रुई के मिल जाने से प्रारंभ होता है। उसके बाद वह क्रमशः एक-एक कर कई कारीगरों के पास जाती है और उसकी टोपी तैयार होती है। आप भी अपनी कोई इच्छा चुन लीजिए। उसकी - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

गवरइया की इच्छा पूर्ति का क्रम घूरे पर रुई के मिल जाने से प्रारंभ होता है। उसके बाद वह क्रमशः एक-एक कर कई कारीगरों के पास जाती है और उसकी टोपी तैयार होती है। आप भी अपनी कोई इच्छा चुन लीजिए। उसकी पूर्ति के लिए योजना और कार्य-विवरण तैयार कीजिए।

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उत्तर

मैंने परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मुझे उपहार स्वरूप 501 रुपये तथा सभी विषयों की किताबें एवं सी.डी. मिली। अब समस्या थी कि इस सी.डी. को मैं कहाँ देखें। घर में सी.डी. प्लेयर नहीं था। मैंने माँ से कुछ रुपये माँगे तथा कुछ पिताजी से। मैंने अपनी और भाई की गुल्लक से पैसे निकाले । एक मित्र से भी दो सौ रुपये लिए। अब मेरे पास कुल दो हजार दो सौ रुपये थे। मैं अपने पिताजी को पुस्तकें दिलाने के बहाने साथ ले गया और किताब की दुकान पर न जाकर इलैक्ट्रानिक्स की दुकान से सी.डी. प्लेयर दो हजार तीन सौ रुपये में खरीदा। एक सौ रुपये पिताजी ने दे दिए। इस प्रकार अपनी आवश्यक वस्तु पाकर मैं बहुत खुश हुआ।

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गद्य (Prose) (Class 8)
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अध्याय 18: टोपी - कहानी से आगे [पृष्ठ १२८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
अध्याय 18 टोपी
कहानी से आगे | Q 2 | पृष्ठ १२८

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(क) पक्षी

घर का पता लिखवाकर लाए हैं।

(ख)

बूढ़ा चूहा

 

(ग)

बिल्ली

 

(घ)

चमगादड़

 

(ङ)

चींटियाँ

 

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क्रम सं.

काम का नाम 

✓ या ✗ कारण

(क)

खेलना


 

(ख)

पढ़ना


 

(ग)

चित्रकारी करना


 

(घ)

______


 

(ङ)

______


 

(च)

______


 


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