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महाराष्ट्र स्टेट बोर्डएसएससी (मराठी माध्यम) ९ वीं कक्षा

‘ग्रंथ हमारे गुरु’ इस विषय के संदर्भ में स्‍वमत बताइए ।

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प्रश्न

‘ग्रंथ हमारे गुरु’ इस विषय के संदर्भ में स्‍वमत बताइए ।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

‘ग्रंथ हमारे गुरु’

"ग्रंथ हमारे गुरु" एक विशेष विषय है जो हमें यह शिक्षा देता है कि पुस्तकें और ग्रंथ हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं हमारे ग्रंथ ज्ञान का सागर हैं। इस विषय में स्वयं का मत व्यक्त करना हमें यह बताने का अवसर देता है कि ग्रंथ कैसे हमारे जीवन के उन्नति और समृद्धि में सहायक हो सकते हैं। हमारे वेद, पुराण, उपनिषद, भगवद्गीता, महाभारत, रामचरित्रमानस ऐसे ग्रंथ हैं, जिनमें जीवन का सार संकलित है। ग्रंथ शिक्षा प्राप्ति का सबसे सरल माध्यम है। ग्रंथों दूवारा हमें महापुरुषों की जीवनी, उनके नीति-नियम, आचरण आदि की जानकारी मिलती है। ग्रंथों का संसार नवीन कल्पनाओं, ज्ञान के भंडार, रोमांच आदि से भरा हुआ है। इसके साथ ही, ग्रंथ हमें विभिन्न कला और साहित्य का आनंद लेने का अवसर देते हैं जिससे हमारा मानवीय सृजनात्मक पहलुओं को विकसित करने में मदद मिलती है। ग्रंथों के माध्यम से हम अन्य समयों, स्थानों, और विचार धाराओं से भी परिचित हो सकते हैं, जो हमें एक व्यापक और समृद्धिपूर्ण दृष्टिकोण प्रदान करता है। यदि हम चाहे तो इन पुस्तकों के नियमित पारायण से उसी प्रकार लाभान्वित हो सकते हैं, जिस प्रकार गुरु की समीपता में कोई शिष्य।अत: यह कहना उचित होगा कि ग्रंथ हमारे गुरु हैं।

"ग्रंथ हमारे गुरु" विषय हमें यह सिखाता है कि ग्रंथ हमारे जीवन के मार्गदर्शन में कैसे मदद कर सकते हैं और हमें समृद्धि और सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंचा सकते हैं।

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अध्याय 1.5: किताबें कुछ कहना चाहती हैं - स्वाध्याय [पृष्ठ १४]

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बालभारती Hindi (Composite) Lokvani Standard 9 Maharashtra State Board
अध्याय 1.5 किताबें कुछ कहना चाहती हैं
स्वाध्याय | Q १ | पृष्ठ १४
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