Advertisements
Advertisements
प्रश्न
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
लोग संस्कृति और सभ्यता को ठीक-ठीक समझने में अभी भी भूल क्यों करते हैं?
Advertisements
उत्तर
जीवन में संस्कृति और सभ्यता का अंतर समझना महत्वपूर्ण है। संस्कृति एक संपूर्ण सांस्कृतिक अनुभव को समझने के लिए होती है, जबकि सभ्यता तकनीकी प्रगति और समाज के विकास को ध्यान में रखती है। इसलिए, हमें इन दोनों के महत्वपूर्ण भेद को समझने के लिए प्रयास करना चाहिए। संस्कृति देशों और धर्मों में विभाजित नहीं होनी चाहिए, बल्कि एकता के रूप में परिभाषित होनी चाहिए।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
लेखक की दृष्टि में 'सभ्यता' और 'संस्कृति' की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?
आग की खोज एक बहुत बड़ी खोज क्यों मानी जाती है? इस खोज के पीछे रही प्रेरणा के मुख्य स्रोत क्या रहे होंगे?
वास्तविक अर्थों मे 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है?
मानव संस्कृत एक अविभाज्य वस्तु है। किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब -
मानव संस्कृति को विभाजित करने की चेष्टाएँ की गई।
आशय स्पष्ट कीजिए -
(क) मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?
लेखक ने अपने दृष्टिकोण से सभ्यता और संस्कृति की एक परिभाषा दी है। आप सभ्यता और संस्कृति के बारे में क्या सोचते हैं, लिखिए।
सभ्यता और संस्कृति जैसे शब्द और भी भ्रामक कब बन जाते हैं?
सभ्यता और संस्कृति जैसे शब्द और भी भ्रामक कब बन जाते हैं?
संस्कृति और सभ्यता क्या हैं?
न्यूटन से भी अधिक ज्ञान रखने वाले और उन्नत जीवन शैली अपनाने वाले को संस्कृत कहेंगे या सभ्य और क्यों?
सिद्धार्थ ने मानव संस्कृति में किस तरह योगदान दिया?
संस्कृति का कूड़ा-करकट’ किसे कहा गया है?
‘संस्कृति’ पाठ का उद्देश्य या उसमें निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
काशी को संस्कृति की पाठशाला इसलिए कहा गया है क्योंकि ______
भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?
