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प्रश्न
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
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गाँव में वो दिन था इतवार। नन्हीं पीढ़ी दौड़ी : हम आ गए बाज़ार! |
- नदी के बोतल में और पहाड़ के डिब्बाबंद होने का क्या अर्थ है? [1]
- भविष्य की आशंकाओं के चित्र खींचना
- पर्यावरण के प्रति मनुष्य की उपेक्षा दिखाना
- बाज़ारीकरण की भयावहता स्पष्ट करना
- जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना
- निम्नलिखित कथन और कारण पर विचार करते हुए उपयुक्त विकल्प का चयन कर लिखिए: [1]
कथन: कवयित्री अपने वजूद को मुड़ा हुआ पाती हैं।
कारण: वह प्रकृति के बिना अपने अस्तित्व को खतरे में पाती हैं।- कथन सही है किंतु कारण गलत है।
- कथन और कारण दोनों गलत हैं।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
- कथन और कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण कथन की उचित व्याख्या नहीं है।
- कविता के मुख्य भाव को प्रस्तुत करने वाले विकल्प हैं। [1]
उचित विकल्प का चयन कर लिखिए:
I. बाज़ारीकरण का बढ़ता प्रभावगा
II. प्रकृति की उपेक्षापा
III. भावी पीढ़ी का भय
विकल्प:- केवल III सही है।
- केवल II सही है
- I और II सही हैं।
- I और II सही हैं।
- ‘नन्हीं पीढ़ी’ का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि उसे साथ लेकर जाने का क्या कारण था? [2]
- कविता जिन खतरों की ओर इशारा कर रही है, उनसे बचने के दो प्रभावी उपाय लिखिए। [2]
आकलन
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उत्तर
- (D) जीवन से प्रकृति और उसका साहचर्य गायब होना
- (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण कथन की उचित व्याख्या है।
- (D) I और II सही हैं।
- ‘नन्हीं पीढ़ी’ का मतलब है आने वाली नई पीढ़ी या बालक। कवयित्री उनको साथ लेकर इसलिए गई ताकि वे समझ सकें कि प्रगति और बाज़ारीकरण की होड़ में हमने प्रकृति (नदियाँ, पर्वत) को किस तरह खो दिया है और हम उसे बोतलों और डिब्बों में खरीदने को विवश हैं।
- खतरों से बचने के दो प्रभावी उपाय:
- पर्यावरण की रक्षा करना तथा प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन।
- अधिक उपभोग और बाज़ारिकीकरण पर नियंत्रण रखकर प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित करें।
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