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फसलों के उत्पादन में महिलाओं के योगदान को हमारी अर्थव्यवस्था में महत्त्व क्यों नहीं दिया जाता है? इस बारे में कक्षा में चर्चा कीजिए।

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प्रश्न

फसलों के उत्पादन में महिलाओं के योगदान को हमारी अर्थव्यवस्था में महत्त्व क्यों नहीं दिया जाता है? इस बारे में कक्षा में चर्चा कीजिए।

कृति
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उत्तर

कारण (विचार-विमर्श)

  1. अदृश्य श्रम: महिलाएँ खेतों में बीज बोने से लेकर निराई, गुड़ाई, कटाई और पशुपालन तक बहुत काम करती हैं, लेकिन उनका अधिकांश काम औपचारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होता।
  2. मजदूरी में असमानता: कई जगहों पर महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम मजदूरी दी जाती है, जबकि उनके काम लगभग समान होता है।
  3. भूमि स्वामित्व की कमी: अधिकतर महिलाओं के नाम पर जमीन नहीं होती, इसलिए उन्हें “किसान” के रूप में आधिकारिक पहचान नहीं मिलती।
  4. सामाजिक सोच: परंपरागत सोच के कारण कृषि कार्य को पुरुषों का काम माना जाता है, जिससे महिलाओं के योगदान को कम आंका जाता है।
  5. आँकड़ों की कमी: सरकारी रिकॉर्ड और आर्थिक आँकड़ों में महिलाओं के कृषि कार्य को पूरी तरह शामिल नहीं किया जाता।

समाधान (क्या किया जा सकता है)

  1. महिलाओं के कृषि कार्य को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाए।
  2. समान कार्य के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए।
  3. महिलाओं को भूमि स्वामित्व में अधिकार दिए जाएँ।
  4. कृषि प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाए।
  5. समाज में जागरूकता फैलाई जाए कि किसान केवल पुरुष ही नहीं, महिलाएँ भी होती हैं।

महिलाएँ कृषि उत्पादन की रीढ़ हैं, लेकिन उनका योगदान अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। यदि उन्हें उचित पहचान और सम्मान दिया जाए, तो हमारी कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों और मजबूत हो सकती हैं।

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अध्याय 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ३३]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 [English] Class 10
अध्याय 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ३३
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