हिंदी

फ्रॉयन्डलिक अधिशोषण समतापी को nxm=kp1n व्यंजक द्वारा दिया जाता है। इस व्यंजक से निम्नलिखित में से कौन-से परिणाम निकलते हैं?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

फ्रॉयन्डलिक अधिशोषण समतापी को `x/m = k  p^(1/"n")` व्यंजक द्वारा दिया जाता है। इस व्यंजक से निम्नलिखित में से कौन-से परिणाम निकलते हैं?

  1. जब `1/"n" = 0`, तो अधिशोषण पर दाब का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
  2. जब `1/"n" = 0` तो अधिशोषण दाब के अनुक्रमानुपाती होगा।
  3. जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ x -अक्ष के समांतर एक रेखा होती है।
  4. जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ एक वक्र होता है।
संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

(i) जब `1/"n" = 0`, तो अधिशोषण पर दाब का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

(iii) जब n = 0, तो `x/"m"` और p के मध्य ग्राफ़ x -अक्ष के समांतर एक रेखा होती है।

स्पष्टीकरण -

फ्रॉयन्डलिक ने ठोस अधिशोषित के इकाई द्रव्यमान द्वारा अधिशोषित गैस की मात्रा और एक विशेष तापमान पर दबाव के बीच एक अनुभवजन्य संबंध दिया।

`x/m = k "p"^(1/n)`

यदि `1/n` = 0; `x/m = k` अधिशोषित की सीमा दबाव से स्वतंत्र है।

जब n = 0; `x/m = k"p"`

`x/m` बनाम x-अक्ष के समानांतर एक रेखा है।

shaalaa.com
अधिशोषण
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: पृष्ठ रसायन - अभ्यास [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
अध्याय 5 पृष्ठ रसायन
अभ्यास | Q II. 28. | पृष्ठ ७१

संबंधित प्रश्न

रसोवशोषण के दो अभिलक्षण दीजिए।


अधिशोषण एवं अवशोषण शब्दों (पदों) के तात्पर्य में विभेद कीजिए। प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।


ठोसों द्वारा गैसों के अधिशोषण पर दाब एवं ताप के प्रभाव की विवेचना कीजिए।


निम्नलिखित में से कौन-सा अंतरापृष्ठ प्राप्त नहीं किया जा सकता ?


विलयन में से अधिशोष्य के अधिशोषण की मात्रा बढती है ______।


निम्नलिखित में से कौन-सा अवशोषण का एक उदाहरण है?


निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से किसमें विषमांगी उत्प्रेरण हो रहा है?

(क) \[\ce{2SO2(g) + O2 (g) ->[NO (g)] 2SO3 (g)}\]

(ख) \[\ce{2SO2 (g) ->[Pt (s)] 2SO3 (g)}\]

(ग) \[\ce{N2 (g) + 3H2 (g) ->[Fe(s)] 2NH3 (g)}\]

(घ) \[\ce{CH3COOCH3 (1) + H2O (l) ->[HCl (l)] CH3COOH (aq) + CH3OH (aq)}\]


ठोस उत्प्रेरक के लिए निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. वही अभिक्रियक दूसरा उत्प्रेरक उपयोग में लाने पर अलग उत्पाद दे सकते हैं।
  2. उत्प्रेरक अभिक्रिया का Δ H परिवर्तित नहीं करता।
  3. अभिक्रियाओं के उत्प्रेरण हेतु भारी मात्रा में उत्प्रेरक की आवश्यकता होती है।
  4. ठोस उत्प्रेरकों की उत्प्रेरण क्रिया रसोवशोषण की प्रबलता पर निर्भर नहीं होती।

जब एक चाक को स्याही में डुबोया जाता है तो निम्नलिखित में से कौन-सी परिघटनाएँ होती हैं?

(i) रंगीन पदार्थ का अधिशोषण

(ii) विलायक का अधिशोषण

(iii) विलायक का अधिशोषण और अवशोषण दोनों

(iv) विलायक का अवशोषण


एक उदाहरण दीजिए जिसमें ताप की वृद्धि के साथ भौतिक अधिशोषण, रसोवशोषण में परिवर्तित हो जाता है। इस परिवर्तन का कारण लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×