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एक शक्तिशाली लाउडस्पीकर के चुम्बक के ध्रुवों के बीच चुम्बकीय-क्षेत्र की तीव्रता के परिमाण का मापन किया जाना है। इस हेतु एक छोटी चपटी 2 cm क्षेत्रफल की अन्वेषी कुंडली का प्रयोग किया गया है।

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प्रश्न

एक शक्तिशाली लाउडस्पीकर के चुम्बक के ध्रुवों के बीच चुम्बकीय-क्षेत्र की तीव्रता के परिमाण का मापन किया जाना है। इस हेतु एक छोटी चपटी 2 cm क्षेत्रफल की अन्वेषी कुंडली (search coil) का प्रयोग किया गया है। इस कुंडली में पास-पास लिपटे 25 फेरे हैं तथा इसे चुम्बकीय-क्षेत्र के लम्बवत व्यवस्थित किया गया है और तब इसे द्रुत गति से क्षेत्र के बाहर निकाला जाता है। तुल्यतः एक अन्य विधि में अन्वेषी कुंडली को 90° से तेजी से घुमा देते हैं जिससे कुंडली का तल चुम्बकीय-क्षेत्र के समान्तर हो जाए। इन दोनों घटनाओं में कुल 7.5 mC आवेश का प्रवाह होता है (जिसे परिपथ में प्रक्षेप धारामापी (ballistic galvanometer) लगाकर ज्ञात किया जा सकता है)। कुंडली तथा धारामापी का संयुक्त प्रतिरोध 0.50 Ω है। चुम्बक की क्षेत्र की तीव्रता का आकंलन कीजिए।

संख्यात्मक
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उत्तर

A = 2 × 10-4 m2,  N = 25 फेरे,  प्रेरित आवेश q = 7.5 × 10-3 C

परिपथ का प्रतिरोध R = 0.50 Ω

माना चुम्बकीय-क्षेत्र की तीव्रता = B

प्रारम्भिक फ्लक्स Φ1 = NBA cos 0° = NBA 

अन्तिम फ्लक्स Φ2 = 0

∴ प्रेरित विद्युत वाहक बल e = - `("d"phi)/"dt"`

तथा प्रेरित धारा i = `"e"/"R"` या i = `- 1/"R" * ("d"phi)/"dt"`

∴ प्रेरित आवेश q = `int_("q" = 0)^"q" "dq" = int_0^"t" "i  dt"`

`= - int_(phi_1)^(phi_2) 1/"R" "d"phi              ....[because "i" = - 1/"R" ("d"phi)/"dt"]`

`=> "qR" = - int_(phi_1)^(phi_2) "d"phi = - (phi_2 - phi_1)`

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चुंबकीय फ्लक्स
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अध्याय 6: वैद्युतचुंबकीय प्रेरण - अभ्यास [पृष्ठ २३१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 6 वैद्युतचुंबकीय प्रेरण
अभ्यास | Q 6.13 | पृष्ठ २३१

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