Advertisements
Advertisements
प्रश्न
एक महिला ने केवल लड़कियों के ही जन्म दिया। आनुवंशिक दृष्टि से इस स्थिति का विश्लेषण कीजिए और उपयुक्त व्याख्या कीजिए।
Advertisements
उत्तर
मनुष्यों में, महिलाएं एक प्रकार के अंडे (सभी एक्स गुणसूत्र के साथ) उत्पन्न करती हैं और पुरुष दो प्रकार के शुक्राणुओं का उत्पादन करते हैं - X गुणसूत्र के साथ 50% और वाई गुणसूत्र के साथ 50%। स्त्री की सभी संतानों को उससे X गुणसूत्र प्राप्त होता है लेकिन दूसरा लिंग गुणसूत्र जो पिता से प्राप्त होता है, वह X या Y हो सकता है। इसलिए, लिंग का निर्धारण पिता के शुक्राणुओं में मौजूद लिंग गुणसूत्र द्वारा होता है। अगर किसी महिला की केवल बेटियां हैं, तो इसका मतलब है कि पिता ने X गुणसूत्र के साथ शुक्राणु का योगदान दिया है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
एक ‘A-रुध्रि वर्ग’ वाला पुरुष एक स्त्री जिसका रुध्रि वर्ग ‘O’ है, से विवाह करता है। उनकी पुत्री का रुधिर वर्ग – ‘O’ है। क्या यह सूचना पर्याप्त है यदि आपसे कहा जाए कि कौन सा विकल्प लक्षण – रुध्रि वर्ग – ‘A’ अथवा ‘O’ प्रभावी लक्षण हैं? अपने उत्तर का स्पष्टीकरण दीजिए।
आनुवंशिक पदार्थ का विनिमय कब होता है?
गुलाबी रंग के दो पुष्पों के बीच संकरण कराए जाने पर 1 लाल रंग की 2 गुलाबी रंग की और 1 सफेद रंग की संतति उत्पन्न हुई। इस संकरण का स्वरूप क्या होगा?
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
नयी स्पीशीज का निर्माण हो सकता है जब
- जनन कोशिकाओं के DNA में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं
- युग्मक के गुणसूत्रों की संख्या में परिवर्तन आ जाता है।
- आनुवंशिक पदार्थ में कोई परिवर्तन नहीं होता
- जनकों में परस्पर मैथुन नहीं होता
नर और मादा युग्मकों द्वारा साथ लाए जाने वाले विशेषकों (लक्षणों) के दो रूपांतर कहाँ स्थित होते हैं?
मानवों में नवजात बच्चे के लिंग का निर्धारण कैसे होता है?
क्या माँ का आनुवंशिक संयोजन की हाल ही जन्मे बच्चे के लिंग निर्धारण में कोई महत्वपूर्ण भूमिका होती है?
स्त्रियों में बनने वाले सभी युग्मकों में एक X गुणसूत्र क्यों होता है?
अपेक्षाकृत बड़ी समष्टि की अपेक्षा, बहुत छोटी समष्टि के विलुप्त हो जाने के खतरे अधिक होते हैं। इसकी उपयुक्त आनुवंशिक व्याख्या कीजिए।
