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एक चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए कि ध्वनि के स्रोत के निकट वायु में संपीडन तथा विरलन कैसे उत्पन्न होते हैं?

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प्रश्न

एक चित्र की सहायता से वर्णन कीजिए कि ध्वनि के स्रोत के निकट वायु में संपीडन तथा विरलन कैसे उत्पन्न होते हैं?

आकृति
लघु उत्तरीय
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उत्तर

माना कि स्वरित्र द्विभुज (Tuning fork) ध्वनि का स्त्रोत है।

  1. जब यह आगे की ओर कंपन करती है तो अपने सामने की वायु को धक्का देकर संपीडित करती है तथा इस प्रकार एक उच्च दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है। इस क्षेत्र को संपीडन (C) कहा जाता हैं।
  2. यह संपीडन कंपमान वस्तु जैसे स्वरित्र द्विभुज से दूर आगे की ओर गति करता है।
  3. जब स्वरित्र द्विभुज की भुजा वापस अंदर की ओर (पीछे की ओर) कंपन करता है तो एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्पन्न होता है तो उसे विरलन (R) कहते हैं।
  4. इस तरह जब एक वस्तु कंपन करती है तो वायु में संपीडन और विरलन की एक श्रेणी बन जाती है। यही संपीडन और विरलन ध्वनि तरंग बनाते हैं और जो माध्यम से होकर संचरित होती है।
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ध्वनि
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अध्याय 11: ध्वनि - अभ्यास [पृष्ठ १५६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 9
अध्याय 11 ध्वनि
अभ्यास | Q 2. | पृष्ठ १५६

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