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प्रश्न
एक अर्थव्यवस्था की आय ₹ 40,000 करोड़ से बढ़कर ₹ 1,00,000 करोड़ हो गई। अर्थव्यवस्था की बचत ₹ 4,000 करोड़ से ₹ 20,000 करोड़ हो गई।
- आय वृद्धि पूर्व व पश्चात् उनकी औसत उपभोग प्रवृत्ति (APC) व औसत बचत प्रवृत्ति (APS) की गणना करें। [4]
- आय वृद्धि पर औसत बचत प्रवृत्ति (APS) के व्यवहार के बारे में क्या उपयुक्त निष्कर्ष निकाला जा सकता है? [2]
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उत्तर
APC = `"उपभोग (C)"/"आय (Y)"`
APS = `"बचत (S)"/"आय (Y)"`
C = Y − S
प्रारम्भिक स्थिति के लिये गणना (आय = 40,000)
बचत (S1) = 4,000
उपभोग (C1) = 40,000 − 4,000
= 36,000
AP C1 = `(36,000)/(40,000)`
= 0.9
AP S1 = `(4,000)/(40,000)`
= 0.1
अंतिम स्थिति के लिये गणना (आय = 1,00,000)
बचत (S2) = 20,000
उपभोग (C2) = 1,00,000 − 20,000
= 80,000
AP C2 = `(80,000)/(1,00,000)`
= 0.8
AP S2 = `(20,000)/(1,00,000)`
= 0.2
APS के व्यवहार पर निष्कर्ष
दिए गए आँकड़ों से स्पष्ट है कि जब राष्ट्रीय आय 40,000 से बढ़कर 1,00,000 हुई, तो APS 0.1 से बढ़कर 0.2 हो गया। यह पुष्टि करता है कि आय के बढ़ने पर आय के उस हिस्से का अनुपात जो बचत में जाता है (APS) सामान्यतः बढ़ता है, क्योंकि उपभोग की वृद्धि की दर अक्सर आय की वृद्धि की दर से पीछे रहती है।
