हिंदी

“दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछें खड़ी हो गईं।” इस वाक्य को पढ़कर आँखों के सामने एक दृश्य-सा बन जाता है। आप जानते हैं कि भाषा की इस विशेषता को

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

“दोनों सिर झुकाकर उसका हाथ चाटने लगे। दोनों की पूँछें खड़ी हो गईं।”

इस वाक्य को पढ़कर आँखों के सामने एक दृश्य-सा बन जाता है। आप जानते हैं कि भाषा की इस विशेषता को चित्रात्मकता कहते हैं। ‘दो बैलों की कथा’ कहानी में ऐसी अनेक विशेषताएँ हैं जो इसे अद्भुत और प्रभावपूर्ण बनाती हैं।

नीचे इस कहानी में आए कुछ विशेष बिंदुओं को उदाहरण के साथ दिया गया है। आप भी एक-एक उदाहरण खोजकर तालिका में लिखिए-

विशेषता विशेषता का अर्थ उदाहरण 1 उदाहरण 2
चित्रात्मक भाषा शब्दों के माध्यम से पाठक के मन में स्पष्ट और जीवंत चित्र या छवियाँ बनाना। घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे हैं। सहसा घर का द्वार खुला और वही लड़की निकली।
संवादात्मकता कथ्य को आगे बढ़ाने के लिए, पात्रों के विचार, भाव आदि व्यक्त करने के लिए बातचीत और संवादों का प्रयोग। मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा।  
विरोधाभास एक ही प्रसंग या रचना में दो विपरीत या परस्पर विरोधी बातें एक साथ मौजूद होना। झरी बैलों को देखकर स्नेह से गद्गद हो गया। झरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी।  
व्यंग्य वह शैली जिसमें मजाक, हास्य या कटाक्ष (चुभते हुए संकेतों) के माध्यम से किसी दोष, कुरीति, अन्याय, पाखंड या कमजोरी को प्रकट किया जाता है। भारतवासियों की अफ्रीका में क्या दुर्दशा हो रही है? अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते तो शायद सभ्य कहलाने लगते।  
संघर्ष दो विरोधी शक्तियों, विचारों, इच्छाओं या परिस्थितियों का आपस में टकराना। उससे भिड़ना जान से हाथ धोना है; लेकिन न भिड़ने पर भी जान बचती नहीं नजर आती। (बैल बनाम साँड़)  
अतिशयोक्ति किसी पात्र, घटना, भाव या वस्तु का वर्णन इतना बढ़ाकर करना कि वह असंभव या अविश्वसनीय लगे। झूरी इन्हें फूल की छड़ी से भी न छूता था। उसकी टिटकार पर दोनों उड़ने लगते थे।  
संदेह/लझन जब पात्र किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पाता। सारा दिन बीत गया और खाने को एक तिनका भी न मिला। समझ ही में न आता था, यह कैसा स्वामी है?  
तालिका पूरा करें
Advertisements

उत्तर

विशेषता विशेषता का अर्थ उदाहरण 1 उदाहरण 2
चित्रात्मक भाषा शब्दों के माध्यम से पाठक के मन में स्पष्ट और जीवंत चित्र या छवियाँ बनाना। घुटने तक पाँव कीचड़ से भरे हैं। सहसा घर का द्वार खुला और वही लड़की निकली।
संवादात्मकता कथ्य को आगे बढ़ाने के लिए, पात्रों के विचार, भाव आदि व्यक्त करने के लिए बातचीत और संवादों का प्रयोग। मर जाऊँगा, पर उसके काम तो न आऊँगा। खोले देती हूँ। चुपके से भाग जाओ, नहीं तो यहाँ लोग तुम्हें मार डालेंगे।
विरोधाभास एक ही प्रसंग या रचना में दो विपरीत या परस्पर विरोधी बातें एक साथ मौजूद होना। झरी बैलों को देखकर स्नेह से गद्गद हो गया। झरी की स्त्री ने बैलों को द्वार पर देखा, तो जल उठी। दोनों की आँखों में विद्रोहमय स्नेह झलक रहा है।
व्यंग्य वह शैली जिसमें मजाक, हास्य या कटाक्ष (चुभते हुए संकेतों) के माध्यम से किसी दोष, कुरीति, अन्याय, पाखंड या कमजोरी को प्रकट किया जाता है। भारतवासियों की अफ्रीका में क्या दुर्दशा हो रही है? अगर वे भी ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते तो शायद सभ्य कहलाने लगते। जो कहीं फिर पकड़ लिए जाएँ!/हमें तो डर लगता है, हम यहीं पड़े रहेंगे। (गधों का यह संवाद उन लोगों पर तंज है जो स्वतंत्रता के बजाय बंधन में रहना पसंद करते हैं)
संघर्ष दो विरोधी शक्तियों, विचारों, इच्छाओं या परिस्थितियों का आपस में टकराना। उससे भिड़ना जान से हाथ धोना है; लेकिन न भिड़ने पर भी जान बचती नहीं नजर आती। (बैल बनाम साँड़) मोती ने सींग चलाया। दढ़ियल पीछे हटा। मोती ने पीछा किया। दढ़ियल भागा। (बैल बनाम दढ़ियल)
अतिशयोक्ति किसी पात्र, घटना, भाव या वस्तु का वर्णन इतना बढ़ाकर करना कि वह असंभव या अविश्वसनीय लगे। झूरी इन्हें फूल की छड़ी से भी न छूता था। उसकी टिटकार पर दोनों उड़ने लगते थे। पगहे बहुत मजबूत थे। अनुमान न हो सकता था कि कोई बैल उन्हें तोड़ सकेगा; पर एक-एक झटके में रस्सियाँ टूट गईं।
संदेह/लझन जब पात्र किसी निर्णय पर नहीं पहुँच पाता। सारा दिन बीत गया और खाने को एक तिनका भी न मिला। समझ ही में न आता था, यह कैसा स्वामी है? उसने गराँव खोल दिया, पर दोनों चुपचाप खड़े रहे।
shaalaa.com
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: दो बैलों की कथा - अभ्यास [पृष्ठ १९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
अध्याय 1 दो बैलों की कथा
अभ्यास | Q 1. | पृष्ठ १९
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×