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धूमकेतु सूर्य के चारों ओर बहुत ही दीर्घवृत्तीय कक्षाओं में घूमते हैं। साधारणतया धूमकेतु पर सूर्य का गुरुत्वीय बल धूमकेतु के लंबवत् नहीं होता है। फिर भी धूमकेतु की संपूर्ण कक्षा में

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प्रश्न

धूमकेतु सूर्य के चारों ओर बहुत ही दीर्घवृत्तीय कक्षाओं में घूमते हैं। साधारणतया धूमकेतु पर सूर्य का गुरुत्वीय बल धूमकेतु के लंबवत् नहीं होता है। फिर भी धूमकेतु की संपूर्ण कक्षा में गुरुत्वीय बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है। क्यों?

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

धूमकेतु पर सूर्य द्वारा आरोपित गुरुत्वाकर्षण बल एक संरक्षी बल है। संरक्षी बल के द्वारा बंद पथ में गति करने वाले पिण्ड पर किया गया नेट कार्य शून्य होता है; अत: धूमकेतु की संपूर्ण कक्षा में सूर्य ‘क गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा कृत कार्य शून्य होगा।

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कार्य और गतिज ऊर्जा की धारणा: कार्य-ऊर्जा प्रमेय
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अध्याय 5: कार्य, ऊर्जा और शक्ति - अभ्यास [पृष्ठ ९१]

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एनसीईआरटी Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
अध्याय 5 कार्य, ऊर्जा और शक्ति
अभ्यास | Q 5.5 (b) | पृष्ठ ९१
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