Advertisements
Advertisements
प्रश्न
धरती रोमांचित-सी क्यों लगती है? यह रोमांच किस तरह प्रकट हो रहा है?
Advertisements
उत्तर
धरती रोमांचित-सी इसलिए लग रही है क्योंकि गेहूँ और जौ में बालियाँ आ गई हैं। जिस तरह रोमांचित होने पर हमारे शरीर के रोएँ खड़े हो जाते हैं, उसी प्रकार गेहूँ जौ की बालियों में दानों पर लगे नुकीले भाग को देखकर लगता है कि ये धरती के रोम हैं जिनसे उसका रोमांच प्रकट हो रहा है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है?
काव्य सौंदर्य स्पष्ट कीजिए-
हस्ती चढ़िए ज्ञान कौ, सहज दुलीचा डारि।
स्वान रूप संसार है, भूँकन दे झख मारि।
कवयित्री का 'घर जाने की चाह' से क्या तात्पर्य है?
'काली तू .... ऐ आली!' - इन पंक्तियों में 'काली' शब्द की आवृत्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए।
कवि को हिमकर किस तरह निराश कर चला गया?
भाव स्पष्ट कीजिए -
हिति चित्त की द्वै थूँनी गिराँनी, मोह बलिंडा तूटा।
कबीर ‘सुबरन कलश’ की निंदा क्यों करते हैं?
बालश्रम की समस्या बढ़ाने में समाज की संवेदनहीनता का भी योगदान है। स्पष्ट कीजिए।
कवि ने गाँव को 'हरता जन मन' क्यों कहा है?
भाव स्पष्ट कीजिए -
बालू के साँपों से अंकित
गंगा की सतरंगी रेती
भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
तितलियों के उड़ने से वातावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? इस दृश्य को देखकर कवि अनूठी कल्पना कर रहा है?
‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर गाँव के उस सौंदर्य का वर्णन कीजिए जिसके कारण वे जन-मन को आकर्षित कर रहे हैं?
सरसों को 'सयानी' कहकर कवि क्या कहना चाहता होगा?
बीते के बराबर, ठिगना, मुरैठा आदि सामान्य बोलचाल के शब्द हैं, लेकिन कविता में इन्हीं से सौंदर्य उभरा है और कविता सहज बन पड़ी है। कविता में आए ऐसे ही अन्य शब्दों की सूची बनाइए।
कवि ने पीपल को ही बड़ा बुज़र्ग क्यों कहा है? पता लगाइए।
बूढ़ा पीपल किसको प्रतीक है? उसने मेहमान का स्वागत किस तरह किया?
‘मेघ आए’ कविता में नदी किसका प्रतीक है? वह पूँघट सरकाकर किसे देख रही है?
कवि ने बचपन में माँ से किसका पता पूछा था और क्यों? ‘यमराज की दिशा’ पाठ के आधार पर लिखिए।
‘सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं’ ऐसा कहकर कवि ने किस ओर संकेत किया है?
