हिंदी

दादी माँ को बीमारियों का ज्ञान कैसा था? इस विषय में विस्तार से लिखिए। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दादी माँ को बीमारियों का ज्ञान कैसा था? इस विषय में विस्तार से लिखिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

दादी माँ को गाँवों में प्रयोग की जाने वाली दवाओं के कई नुसखे याद थे। वह हाथ, माथा, पेट छूकर, भूत, मलेरिया, सरसाम, निमोनिया तक का अनुमान लगा लेती थी। वे लौंग, गुड़-मिश्रित जलधार, गुग्गल और धूप से इलाज करती थी। महामारी तथा विशूचिका फैलने पर वह सफ़ाई का ध्यान रखती थी।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 7)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: दादी माँ - अन्य पाठेतर है हल प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 2 Class 7
अध्याय 2 दादी माँ
अन्य पाठेतर है हल प्रश्न | Q 16

संबंधित प्रश्न

कौआ पहले कहाँ बना था?


काका कालेलकर ने नदियों को लोकमाता क्यों कहा है?


क्या आप इस बात से सहमत हैं कि गांधी जी द्वारा आश्रम संबंधी दृष्टिकोण व्यावहारिक था?


लाल कणों का जीवन काल कितना होता है?


सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो।

छाता लेकर जाओ ______ भीग जाओगे।


सरकस के बारे में कौन-कौन सी अफ़वाहें फैली हुई थीं?


विलोम शब्द लिखो

आशा- निराशा

कठिन-

आदर-

अँधेरा-

आकार-

इच्छा-


क्या तुम किसी विकलाँग व्यक्ति को जानते हो? उसके बारे में बताओ।


पोंगल का त्योहार अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है। पाठ के आधार पर तालिका भरो।

क्र.स.

राज्य

त्योहार का नाम

     
     
     
     
     

पोंगल चार दिनों तक मनाया जाता है। प्रत्येक दिन के मुख्य क्रिया-कलाप बताओ।


एकांकी में पेड़ ने अपने बारे में क्या विचार प्रस्तुत किए हैं?


चिड़िया किसे महत्त्व देती है और क्यों?


द्विशाखा शब्द द्वि और शाखा के योग से बना है। द्वि का अर्थ है-दो और शाखा का अर्थ है- डाल। द्विशाखा पेड़ के तने का वह भाग है जहाँ से दो मोटी-मोटी डालियाँ एक साथ निकलती हैं। द्वि की भाँति आप त्रि से बननेवाला शब्द त्रिकोण जानते होंगे। त्रि का अर्थ है तीन। इस प्रकार, चार, पाँच, छह, सात, आठ, नौ और दस संख्यावाची संस्कृत शब्द उपयोग में अकसर आते हैं। इन संख्यावाची शब्दों की जानकारी प्राप्त कीजिए और देखिए कि क्या इन शब्दों की ध्वनियाँ अंग्रेज़ी संख्या के नामों से कुछ-कुछ मिलती-जुलती हैं, जैसे – हिंदी-आठ, संस्कृत-अष्ट, अंग्रेज़ी-एट।


पाठ में ‘ठिठियाकर हँसने लगी’, ‘पीछे से धकियाने लगी’ जैसे वाक्य आए हैं। ठिठियाकर हँसने के मतलब का आप अवश्य अनुमान लगा सकते हैं। ठी-ठी-ठी हँसना या ठठा मारकर हँसना बोलचाल में प्रयोग होता है। इनमें हँसने की ध्वनि के एक खास अंदाज को हँसी का विशेषण बना दिया गया है। साथ ही ठिठियाना और धकियाना शब्द में ‘आना’ प्रत्यय का प्रयोग हुआ है। इस प्रत्यय से फ़िल्माना शब्द भी बन जाता है। ‘आना’ प्रत्यय से बननेवाले चार सार्थक शब्द लिखिए।


तोत्तो-चान सच बताए बिना क्यों नहीं रह सकी।


कंचे, गिल्ली-डंडा, गेंदतड़ी (पिट्ठू ) जैसे गली-मोहल्लों के कई खेल ऐसे हैं जो बच्चों में बहुत लोकप्रिय हैं। आपके इलाके में ऐसे कौन-कौन से खेल खेले जाते हैं? उनकी एक सूची बनाइए।


खानपान की नई संस्कृति का नकारात्मक पहलू क्या है? अपने शब्दों में लिखिए।


वसंत ऋतु में नीलकंठ के लिए जालीघर में बंद रहना असहनीय क्यों हो जाता था?


लेखिका मोर-मोरनी को कहाँ से लाई?


अपने प्राणों के बलिदान का अवसर आ गया है। इस वाक्य में "प्राणों का बलिदान देना" मुहावरे का प्रयोग हुआ है।
नीचे मुहावरा दिया गया हैं। इसका अपने वाक्य में प्रयोग करो।

प्राणों की बाजी लगाना


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×