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प्रश्न
Cr2O3 के विरचन के लिए ΔfGΘ का मान – 540 kJ mol−1 है तथा Al2O3 के लिए – 827 kJ mol−1 है। क्या Cr2O3 का अपचयन Al से संभव है?
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उत्तर
हाँ, Al के द्वारा Cr2O3 का अपचयन संभव है। इसको निम्न प्रकार समझा जा सकता है –
इस प्रक्रिया में निहित अभिक्रियाएँ निम्न हैं –
\[\ce{2Al_{(s)} + 3/2O2_{(g)} -> Al2O3_{(s)}}\]; ΔfGΘ = – 827 kJ mol−1 ….......(i)
\[\ce{2Cr_{(s)} + 3/2O2_{(g)} -> Cr2O3_{(s)}}\]; ΔfGΘ = – 540 kJ mol−1 ......…(ii)
समीकरण (ii) में से (i) को घटाने पर
\[\ce{2Al_{(s)} + Cr2O3_{(s)} -> Al2O3_{(s)} + 2Cr_{(s)}}\]
ΔfGΘ = – 827 – (– 540) = – 287 kJ mol–1
चूँकि संयुक्त रिडॉक्स अभिक्रिया के लिए ΔfGΘ का मान ऋणात्मक है, इसलिए प्रक्रिया सम्भाव्य है। अर्थात् Al के द्वारा Cr2O3 का अपचयन सम्भव है।
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