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प्रश्न
चित्र में दिए गए विद्युत परिपथ में निम्नलिखित के मान ज्ञात कीजिए :
- संयोजन में 8Ω के दो प्रतिरोधकों का प्रभावी प्रतिरोध
- 4Ω प्रतिरोधक से प्रवाहित धारा
- 4Ω प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर
- 4Ω प्रतिरोधक में शक्ति क्षय
- A1 तथा A2 के पाठ्यांकों में अंतर (यदि कोई है)।

संक्षेप में उत्तर
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उत्तर
- 8Ω के दोनों प्रतिरोधक समांतर क्रम में जुड़े हैं अतः दोनों का प्रभावी प्रतिरोध होगा
`1/"R"_"P" = 1/"R"_1 + 1/"R"_2`
`1/"R"_"P" = 1/8 + 1/8`
`1/"R"_"P" = 2/8`
`1/"R"_"P" = 1/4`
Rp = 4Ω - परिपथ का शुद्ध प्रतिरोध होगा
Rnet = 4 + 4
Rnet = 8Ω
तो, ओम के नियम का उपयोग करते हुए 4Ω प्रतिरोधक में धारा है,
`"I" = "V"/"R"_"net"`
`"I" = 8/8`
I = 1 A - 4Ω प्रतिरोध के सिरों पर विभवांतर है
V = IR
V = 1 × 4
V = 4 V - 4Ω द्वारा शक्ति क्षय होता है,
P = i2R
P = 12 × 4
P = 4 W - एमीटर A1 और A2 दोनों समान रीडिंग दर्ज करेंगे क्योंकि वे श्रृंखला में जुड़े हुए हैं। अतः उनके पाठ्यांकों में अंतर शून्य होगा।
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विद्युत परिपथ
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