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"बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।’’ पाठ में आपने पढ़ा कि लता मंगेशकर के बचपन से अब तक उत्सवों से जुड़ी

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प्रश्न

“बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।’’

पाठ में आपने पढ़ा कि लता मंगेशकर के बचपन से अब तक उत्सवों से जुड़ी अनेक परंपराएँ बदल रही हैं। कौन-कौन सी परंपराएँ बदल गई हैं? अपने घर-परिवार में बातचीत करके पता लगाइए कि विभिन्न त्योहारों को मनाने के तरीकों में कौन-कौन से बदलाव आ रहे हैं?

कृति
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उत्तर

पाठ के अनुसार मंगलागौर जैसे उत्सव धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं, कोरस गायन की परंपरा बदली है और होली मनाने के ढंग में भी परिवर्तन आया है। घर-परिवार में बातचीत कर विद्यार्थी त्योहारों के बदलते तरीकों की सूची बनाएँ।

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अध्याय 4: ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार) - अभ्यास [पृष्ठ ७७]

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एनसीईआरटी Hindi Ganga Class 9
अध्याय 4 ऐसी भी बातें होती हैं (लता मंगेशकर से साक्षात्कार)
अभ्यास | Q 4. | पृष्ठ ७७
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