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“बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं” “तालों में जीव जलचर, अति हैं प्रसन्न होते” दी गई दोनों पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए। इनमें वर्षा के दो अलग-अलग दृश्य दर्शाए गए हैं।

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प्रश्न

“बिजली चमक रही है, बादल गरज रहे हैं”
“तालों में जीव जलचर, अति हैं प्रसन्न होते”

दी गई दोनों पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए। इनमें वर्षा के दो अलग-अलग दृश्य दर्शाए गए हैं। इन दोनों में क्या कोई अंतर है? क्या कोई संबंध है? अपने विचार लिखिए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

पहली पंक्ति में वर्षा का जोरदार और तूफानी रूप दिखता है। बिजली चमकना और बादल गरजना आकाश में दिखाई देने वाला दृश्य है। यह हमें वर्षा की शक्ति, उत्साह और थोड़ी घबराहट का अनुभव कराता है। दूसरी पंक्ति में वर्षा का मीठा और सुखद रूप दिखता है। तालाबों में जलचर जीव खुश होकर अपने घर में जी रहे हैं। अंतर यह है कि एक पंक्ति आकाश के तेज दृश्य को दिखाती है, और दूसरी जल के भीतर की शांत, जीवंत और खुशमनाली प्रकृति को दिखाती है। संबंध यह है कि बादल, गरज और बिजली ही वर्षा लाते हैं। वर्षा से तालाब भरते हैं, और पानी भरने से जलचर प्रसन्न होते हैं। दोनों पंक्तियाँ एक ही वर्षा के दो रूप दिखाती हैं एक जोरदार, और एक खुशनुमा।

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अध्याय 7: वर्षा-बहार - पाठ से [पृष्ठ ८६]

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एनसीईआरटी Hindi Malhar Class 7
अध्याय 7 वर्षा-बहार
पाठ से | Q (ख) | पृष्ठ ८६
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