हिंदी

बिहारी के दोहे के आधार पर नायिका नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ क्यों रहती है? - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

बिहारी के दोहे के आधार पर नायिका नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ क्यों रहती है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

कवि बिहारी के दोहे की नायिका विरह व्यथा से पीड़ित है। इसके कारण वह इतनी दुर्बल हो गई है कि उसके हाथ और पैर हिलने लगे हैं, शरीर पसीना-पसीना हो रहा है, ऐसे में वह स्वयं नायक को पत्र लिखकर अपनी विरह व्यथा और प्रेमातुरता से अवगत नहीं करा पा रही है। वह अपने मन की बात संदेशवाहक से लोक-लाज और नारी सुलभ लज्जा के कारण नहीं कह पाती है। इस तरह वह नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ रहती है।

shaalaa.com
दोहे
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
छाया भी कब छाया ढूँढ़ने लगती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
बिहारी की नायिका यह क्यों कहती है 'कहिहै सबु तेरौ हियौमेरे हिय की बात' - स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
सच्चे मन में राम बसते हैं−दोहे के संदर्भानुसार स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
गोपियाँ श्रीकृष्ण की बाँसुरी क्यों छिपा लेती हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
बिहारी कवि ने सभी की उपस्थिति में भी कैसे बात की जा सकती हैइसका वर्णन किस प्रकार किया हैअपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जगतु तपोबन सौ कियौ दीरघ-दाघ निदाघ।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमालाछापैंतिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथासाँचै राँचै रामु।।


सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के तीर ।
देखन में छोटे लगै, घाव करें गंभीर ।।
अध्यापक की मदद से बिहारी विषयक इस दोहे को समझने का प्रयास करें। इस दोहे से बिहारी की भाषा संबंधी किस विशेषता का पता चलता है?


कृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र कैसा लग रहा है?


भयंकर गरमी का जीव-जंतुओं के स्वभाव पर क्या असर हुआ है?


गोपियाँ बातों का आनंद लेने के लिए क्या करती हैं?


बिहारी भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?


बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं। कहत नटत…’ दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


कवि बिहारी भी कबीर की भाँति आडंबरपूर्ण भक्ति से दूर रहना चाहते थे। स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×