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प्रश्न
भवानीप्रसाद मिश्र ने यह कविता स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कारावास में लिखी थी। अपने शिक्षक और पुस्तकालय की सहायता से ‘भारत का स्वतंत्रता संग्राम’ विषय पर लेख लिखिए।
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उत्तर
भारत का स्वतंत्रता संग्राम
भारत का स्वतंत्रता संग्राम 1857 से प्रारंभ हुआ। भारतीय जनता अंग्रेजों के शासन से मुक्ति चाहती थी, लेकिन उस समय उनमें एकता की कमी थी, जिसके कारण यह आंदोलन सफल नहीं हो सका। इसके बाद स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष और अधिक तेज हो गया। इस आंदोलन में दो प्रकार के क्रांतिकारी समूह थे। एक गरम दल के क्रांतिकारी थे, जो हथियारों के बल पर अंग्रेजों को देश से बाहर निकालना चाहते थे। इनमें तिलक, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद और सावरकर जैसे नेता शामिल थे, जिन्होंने आज़ादी के लिए संघर्ष किया और कारावास तथा बलिदान का मार्ग चुना।
दूसरी ओर नरम दल के नेता थे, जैसे महात्मा गांधी और पंडित नेहरू, जिन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह के माध्यम से आंदोलन चलाया। उन्होंने अंग्रेजी शासन का विरोध करते हुए जेल यात्राएँ कीं और असहयोग आंदोलन को आगे बढ़ाया। 1942 का ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण चरण था, जिसमें कवि भवानीप्रसाद मिश्र ने भी भाग लिया।
