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भारत की चुनाव-प्रणाली का लक्ष्य समाज के कमजोर तबके की नुमाइंदगी को सुनिश्चित करना है।

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प्रश्न

भारत की चुनाव-प्रणाली का लक्ष्य समाज के कमजोर तबके की नुमाइंदगी को सुनिश्चित करना है। लेकिन अभी तक हमारी विधायिका में महिला सदस्यों की संख्या 10 प्रतिशत भी नहीं पहुँचती। इस स्थिति में सुधार के लिए आप क्या उपाय सुझाएँगे?

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उत्तर

सन् 1992 में पंचायतों तथा नगरपालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई स्थान आरक्षित किए जाने के लिए प्रयास चल रहे हैं। इसके लिए निम्नलिखित सुझाव हैं-

  1. भारत में मतदाताओं का लगभग 50 प्रतिशत भाग महिलाएँ हैं; अतः इनकी संख्या बढ़ाने के लिए इनमें जागरूकता उत्पन्न की जाए।
  2. संविधान के समक्ष पुरुष और स्त्री समान हैं और स्त्रियों पर भी सभी कानून समान रूप से लागू होते हैं। इसलिए कानून के निर्माण में इनकी भागीदारी पर्याप्त होनी चाहिए।
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स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव
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अध्याय 3: चुनाव और प्रतिनिधित्व - प्रश्नावली [पृष्ठ ७६]

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एनसीईआरटी Rajniti vigyan bharat ka sambidhan sidhant aur Vyvhar [Hindi] Class 11
अध्याय 3 चुनाव और प्रतिनिधित्व
प्रश्नावली | Q 7. | पृष्ठ ७६
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