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भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में जल परिवहन के महत्त्व का विश्लेषण कीजिए।

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प्रश्न

भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में जल परिवहन के महत्त्व का विश्लेषण कीजिए।

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

  1. आर्थिक रूप से किफायती: लंबी दूरी तक भारी और विशाल वस्तुओं को ले जाने के लिए जल परिवहन सबसे किफायती साधन है। इसमें मार्ग बनाने की आवश्यकता नहीं होती और घर्षण (friction) बहुत कम होता है, जिससे यह हवाई या ज़मीनी परिवहन की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।
  2. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रमुख आधार: ऐतिहासिक और वर्तमान दोनों ही दृष्टि से, भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार समुद्री मार्गों से होता है। भारत के व्यापार का लगभग 95% परिमाण और 70% मूल्य इसके प्रमुख और छोटे बंदरगाहों से होकर गुजरता है।
  3. ऊर्जा दक्षता: यह परिवहन का सबसे कुशल और पर्यावरण के अनुकूल साधन है। बड़े जहाज बहुत कम ईंधन खर्च करके भारी मात्रा में माल ढो सकते हैं, जिससे वैश्विक व्यापार के कार्बन फुटप्रिंट में कमी आती है।
  4. वैश्विक बाजारों का प्रवेश द्वार: भारत में 12 प्रमुख और लगभग 200 छोटे बंदरगाह हैं, जो वैश्विक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करते हैं। मुंबई, कांडला और चेन्नई जैसे बंदरगाह भारत को स्वेज नहर के माध्यम से यूरोप के साथ-साथ अमेरिका, अफ्रीका और पूर्वी एशिया से जोड़ते हैं।
  5. रास्तों का रखरखाव न होना: सड़कों या रेलमार्गों के विपरीत, इसके “मार्ग” (महासागर) प्राकृतिक हैं और उन्हें रखरखाव की आवश्यकता नहीं होती; केवल बंदरगाहों और जहाजों के विकास के लिए निवेश की आवश्यकता होती है।
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2025-2026 (March) 64/1/3

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