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प्रश्न
बाल सभा में भाषण
मान लीजिए कि आपको बाल-सभा ने हीरा-मोती के लौटने के बाद भाषण देने के लिए बुलाया है। भाषण का विषय है-‘पशुओं के अधिकार’। अपना भाषण लिखिए और कक्षा में प्रस्तुत कीजिए।
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उत्तर
आदरणीय शिक्षक और मेरे प्यारे साथियो,
आज मैं ‘पशुओं के अधिकार’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करना चाहता हूँ। पशु भी हमारी तरह जीवित प्राणी हैं। उन्हें भूख, प्यास, थकान और पीड़ा होती है। इसलिए हमें उनके साथ दया और प्रेम से व्यवहार करना चाहिए।
हर पशु को पर्याप्त भोजन और साफ पानी मिलना चाहिए। उसे आराम करने के लिए सुरक्षित जगह मिलनी चाहिए। बीमार या घायल पशु का इलाज कराना चाहिए। उनसे उनकी क्षमता से अधिक काम नहीं लेना चाहिए और उन्हें मारना या सताना नहीं चाहिए।
हीरा और मोती की कहानी हमें सिखाती है कि पशुओं में भी प्रेम, मित्रता और भावनाएँ होती हैं। उनकी देखभाल करना और उन्हें दुख से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। आइए, हम पशुओं के प्रति दयालु बनें और उनके अधिकारों का सम्मान करें।
धन्यवाद।
