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बाज़ार दर्शन पाठ में बाज़ार जाने या न जाने के संदर्भ में मन की कई स्थितियों का ज़िक्र आया है। आप इस स्थिति से जुड़े अपने अनुभव का वर्णन कीजिए। मन खाली न हो

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प्रश्न

बाज़ार दर्शन पाठ में बाज़ार जाने या न जाने के संदर्भ में मन की कई स्थितियों का ज़िक्र आया है। आप इस स्थिति से जुड़े अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।

मन खाली न हो

लघु उत्तरीय
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उत्तर

‘मन खाली न हो’ का अर्थ है - बाज़ार जाते समय मन में पहले से ही वस्तुएँ खरीदने की इच्छा होना। ऐसी स्थिति में हमारे पास सामान की सूची होती है और हम केवल जरूरत की चीजें ही खरीदते हैं। हमारा ध्यान अन्य वस्तुओं की ओर नहीं जाता।

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अध्याय 11: जैनेन्द्र कुमार (बाज़ार दर्शन) - अभ्यास [पृष्ठ ८४]

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एनसीईआरटी Hindi Aaroh Bhag 2 [English] Class 12
अध्याय 11 जैनेन्द्र कुमार (बाज़ार दर्शन)
अभ्यास | Q 1. (ख) | पृष्ठ ८४
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