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प्रश्न
अर्धसूत्री विभाजन को ध्यान में रखते हुए क्या बता सकते हैं कि पुनर्योगज डीएनए किस अवस्था में बनते हैं?
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उत्तर
अर्धसूत्री विभाजन में गुणसूत्रों की संख्या घटकर आधी रह जाती है। प्रथम अर्धसूत्री विभाजन में प्रत्येक जोड़ी के समजात गुणसूत्रों के मध्य एक या अनेक खंडों की अदला-बदली अर्थात् पारगमन होता है।
प्रथम अर्धसूत्री विभाजन की प्रथम पूर्वावस्था की उपअवस्था जाइगोटीन में समजात गुणसूत्र जोड़े बनाते हैं। इस प्रक्रिया को सूत्रयुग्मन कहते हैं। पैकिटीन उपअवस्था में सूत्रयुग्मक सम्मिश्र में एक या अधिक स्थानों पर गोल सूक्ष्म घुंडियाँ दिखाई देने लगती हैं, इन्हें पुनर्संयोजन घुंडियाँ कहते हैं।
समजात गुणसूत्रों के परस्पर जुड़े क्रोमैटिड्स के मध्य एक या अधिक खंडों की पारस्परिक अदला-बदली को पारगमन कहते हैं। इससे समजात पुनसँयोजित डीएनए बन जाता है। पुनर्संयोजन घुंडियाँ उन स्थानों पर बनती हैं जहाँ पर पारगमन हेतु क्रोमैटिड्स के टुकड़े टूटकर पुनः जुड़ते हैं।
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