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अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H3O+) की संlद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है? - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H3O+) की संlद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?

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उत्तर

अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन की सांद्रता में (H3O+/OH) प्रति इकाई आयतन में कमी हो जाती है। 

हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता = `"विलेय (अम्ल) का आयतन"/"विलयन की मात्रा"`

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अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - प्रश्न 3 [पृष्ठ २७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Vigyaan [Hindi] Class 10
अध्याय 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
प्रश्न 3 | Q 5. | पृष्ठ २७

संबंधित प्रश्न

अम्ल को तनुकृत करते समय यह क्यों अनुशंसित करते हैं कि अम्ल को जल में मिलाना चाहिए,न कि जल को अम्ल में?


निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः

तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।


एक आर्द्र दिन में हाइड्रोजन क्लोराइड गैस के विरचन के दौरान गैस को सामान्यतः कैल्सियम क्लोराइड युक्त रक्षित नली में से गुजारा जाता है। रक्षित नली में लिए गए कैल्सियम क्लोराइड का कार्य है ______ 


सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______ 


निम्नलिखित में से कौन से अम्लीय सामर्थ्य का बढ़ता हुआ सही क्रम देता है ______ 


एक अम्ल तथा एक क्षारक के जलीय विलयन के लिए कौन-से कथन सत्य हैं?

  1. pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
  2. pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा
  3. pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
  4. pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा

विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?

  1. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
  2. बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
  3. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
  4. बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।

कॉलम (A) में दिए गए रासायनिक पदार्थों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके अनुप्रयोगों से कीजिए।

कॉलम (A)  कॉलम (B)
ब्लीचिंग पाउडर काँच का विरचन
बेकिंग सोडा H2 तथा Cl2 का उत्पादन 
धावन सोडा विरंजन
सोडियम क्लोराइड प्रति-अम्ल

सुमेलन का सही सेट है -


समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?


आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्त्व का एक सल्फेट, श्वेत एवं मुलायम पदार्थ है जिसको जल में गूँध-गूँध कर विभिन्न प्रकार की आकृतियों में ढाला जा सकता है। जब इस यौगिक को कुछ समय के लिए खुला छोड़ते है तो यह ठोस द्रव्यमान बन जाता है तथा साँचे में ढालने में योग्य नहीं रहता है। सल्फेट लवण को पहचानिए तथा यह इस प्रकार का व्यवहार क्यों प्रदर्शित करता है? संबंधित अभिक्रिया दीजिए।


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