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• अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।• एक और एक मिलकर ग्यारह होते हैं। (क) • ऊपर लिखी कहावतों का अर्थ गीत की किन पंक्तियों से मिलता-जुलता है?(ख) • इन दोनों कहावतों का अर्थ कहावत-कोश में देखकर समझो और वाक्य - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

• अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
• एक और एक मिलकर ग्यारह होते हैं।

(क) • ऊपर लिखी कहावतों का अर्थ गीत की किन पंक्तियों से मिलता-जुलता है?
(ख) • इन दोनों कहावतों का अर्थ कहावत-कोश में देखकर समझो और वाक्य के संदर्भ में उनका प्रयोग करो।

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उत्तर

(क)
(i) साथी हाथ बढ़ाना

एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना।

 साथी हाथ बढ़ाना।

 हम मेहनतवालों ने जब भी, मिलकर कदम बढ़ाया

 सागर ने रस्ता छोड़ा, परबत ने सीस झुकाया

 फ़ौलादी हैं सीने अपने, फ़ौलादी हैं बाँहें

 हम चाहें तो चट्टानों में पैदा कर दें राहें

 साथी हाथ बढ़ाना।

(ii) एक से एक मिले तो कतरा, बन जाता है दरिया

 एक से एक मिले तो ज़र्रा, बन जाता है सेहरा

 एक से एक मिले तो राई, बन सकती है परबत

 एक से एक मिले तो इंसाँ, बस में कर ले किस्मत

 साथी हाथ बढ़ाना।

(ख) 
अकेला व्यक्ति कठिनाई से नहीं लड़ सकता।
श्याम ने राम को समझाया कि अगर दोनों मिलकर परीक्षा की तैयारी करेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।

एकजुटता में ही शक्ति होती है।
यदि हम सब मिलकर प्रयास करें तो इस चट्टान को काट सकते हैं क्योंकि एक और एक ग्यारह होते हैं।

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गद्य (Prose) (Class 6)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 7: साथी हाथ बढ़ाना - कहावतों की दुनिया [पृष्ठ ४५]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
अध्याय 7 साथी हाथ बढ़ाना
कहावतों की दुनिया | Q 1 | पृष्ठ ४५

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(ख) शंकु का ऊपरी हिस्सा अंडाकार होता है तो नीचे का हिस्सा कैसा दिखाई देता है?
(ग) इस जाल से मछली पकड़ने वालों को धीरे-धीरे क्यों चलना पड़ता है?


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