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‘अभयारण्यों की आवश्यकता’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए |

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प्रश्न

‘अभयारण्यों की आवश्यकता’, इस विषय पर अपने विचार लिखिए |

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उत्तर

अभयारण्य का अर्थ है अभय + अरण्य। अर्थात वह अरण्य का वन, जिसमें जानवर अभय होकर घूम सके। सरकार अथवा किसी अन्य संस्था द्वारा संरक्षित वन्य, पशु-विहार या पक्षी बिहार के 'अभयारण्य' कहते हैं। इनका उद्देश्य पशु, पक्षी तथा वनसंपदा को संरक्षित करना, उसका विकास करना तथा शिक्षा तथा अनुसंधान के क्षेत्र में इनकी मदद लेना होता है। भारत कई प्रकार के जंगलों, जीवों, पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों का घर है। यहाँ वन्य जीवों की संख्या बहुत अधिक है। यहाँ के पशु-पक्षियों को अपने प्राकृतिक निवासस्थान में देखने का आनंद अलग है। वन्य जीवन प्रकृति की अनुपम देन है। वन्य जीवों का वनों से अटूट रिश्ता है। मानव ने वन्य जीवों का खात्मा इस निर्ममता के साथ किया है कि कुछ वन्य प्राणियों की प्रजाति ही लुप्तप्राय हो गई और कुछ अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। भारतवर्ष में वन्य जीवों को विलुप्त होने से बचाने के लिए १९२७ में भारतीय वन अधिनियम बनाया गया। में वन्य जीवों के शिकार को अपराध माना गया। १९३६ में उत्तराखंड में जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क बनाया गया। आज देश में ३०० से अधिक ऐसे संरक्षित क्षेत्र हैं। 

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गद्य (Prose) (11th Standard)
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अध्याय 8: तत्सत - स्वाध्याय [पृष्ठ ४५]

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बालभारती Hindi Yuvakbharati Standard 11 Maharashtra State Board
अध्याय 8 तत्सत
स्वाध्याय | Q ३. (अ) | पृष्ठ ४५
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