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आत्मवशं तु सर्वमेव दुःखमस्ति।

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प्रश्न

 आत्मवशं तु सर्वमेव दुःखमस्ति।

विकल्प

  • आम्

MCQ
सत्य या असत्य
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उत्तर

आत्मवशं तु सर्वमेव दुःखमस्ति।-  न

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नीतिनवनीतम्
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अध्याय 10: नीतिनवीनतम् - अभ्यासः [पृष्ठ ७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Sanskrit - Ruchira Class 8
अध्याय 10 नीतिनवीनतम्
अभ्यासः | Q 5. (ग) | पृष्ठ ७२

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सर्वदा केषां प्रियं कुर्यात्?


स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

वृद्धोपसेविनः आयुविर्द्या यशो बलं न वर्धन्ते।


स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

मनुष्यः सत्यपूतां वाचं वदेत्।


तयोः नित्यं प्रियं कुर्यात्।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

विद्या।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

समाचरेत् ।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

परितोष:।


अभिवादनशीलस्य किमपि न वर्धते।


मनुष्यः सदैव तदेव कर्म कुर्यात् येनान्तरात्मा तुष्यते।


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