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पाठेऽस्मिन् सुखदुःखयों किं लक्षणम् उक्तम्?

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प्रश्न

पाठेऽस्मिन् सुखदुःखयों किं लक्षणम् उक्तम्?

एक पंक्ति में उत्तर
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उत्तर

सर्वं परवशं भवति दुःखम्, आत्मवशं च भवति सुखम्।

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नीतिनवनीतम्
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अध्याय 10: नीतिनवीनतम् - अभ्यासः [पृष्ठ ७१]

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एनसीईआरटी Sanskrit - Ruchira Class 8
अध्याय 10 नीतिनवीनतम्
अभ्यासः | Q 2. (क) | पृष्ठ ७१

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स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

वृद्धोपसेविनः आयुविर्द्या यशो बलं न वर्धन्ते।


स्थूलपदान्यवलम्बय प्रश्ननिर्माणं कुरुत–

मातापितरौ नृणां सम्भवे अकथनीयं क्लेशं सहेते।


तयोः नित्यं प्रियं कुर्यात्।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

विद्या।


संस्कृतभाषयां वाक्यप्रयोगं कुरुत–

तपः।


अभिवादनशीलस्य किमपि न वर्धते।


मनुष्यः सदैव मनः पूतं समाचरेत्।


मातापित्रे: तपसः निष्कृतिः ______ कर्तुमशक्या।


एतत् विद्यात् ______ लक्षणं सुखदुःपयोः। 


तयोः______ प्रियं कुर्यात्।


______ राजा तथा प्रजा।


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