Advertisements
Advertisements
प्रश्न
आप निम्नलिखित तथ्य को कैसे समझाएँगे-
BeO जल में अविलेय है, जबकि BeSO4 विलेय है।
Advertisements
उत्तर
BeO सहसंयोजक प्रकृति का होता है और जल में अविलेय है, जबकि BeSO4 आयनिक प्रकृति का होता है और जल में विलेय है। BeSO4 की जलयोजन ऊर्जा Be2+ आयन का आकार छोटा होने के कारण जालक ऊर्जा से बहुत अधिक होती है। इस कारण यह जल में विलेय है।
संबंधित प्रश्न
क्षार धातुओं के सामान्य भौतिक गुण क्या हैं?
क्षार धातुएं तथा क्षारीय मृदा धातुएं रासायनिक अपचयन विधि से क्यों नहीं प्राप्त किए जा सकते हैं? समझाइए।
क्या होता है, जब-
क्लोरीन बुझे चूने से अभिक्रिया करती है।
कास्टिक सोडा के दो उपयोग लिखिए।
बिना बुझा चूना के दो उपयोग लिखिए।
BeCl2 (ठोस) की संरचना बताइए।
सीमेन्ट की महत्ता बताइए।
प्लास्टर ऑफ पेरिस की महत्ता बताइए।
निम्नलिखित प्रेक्षण पर टिप्पणी लिखिए-
जलीय विलयनों में क्षार धातु आयनों की गतिशीलता Li+ < Na+ < K+ < Rb+ < Cs+ क्रम में होती है।
इनमें से किस क्षार धातु का गलनांक न्यूनतम है?
