हिंदी

आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे जीवन पर हावी हो रही है। मनुष्य आधुनिक बनने की होड़ में बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं, पश्चिम की संस्कृति का अनुकरण किया जा रहा है। आज उत्पाद को उपभोग की दृष्टि से नहीं बल्कि महज दिखावे के लिए खरीदा जा रहा है। विज्ञापनों के प्रभाव से हम दिग्भ्रमित हो रहे हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ३८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 1 [English] Class 9
अध्याय 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
प्रश्न अभ्यास | Q 2 | पृष्ठ ३८

संबंधित प्रश्न

पटना को बाढ़ग्रस्त देखकर अधेड़ मुस्टंड ने क्या टिप्पणी की? उसकी टिप्पणी इस समय कितनी उचित थी, स्पष्ट कीजिए।


'भूख मीठी कि भोजन मीठा' से क्या अभिप्राय है?


माटी वाली का एक शब्द-चित्र अपने शब्दों में प्रस्तुत कीजिए।


माटी वाली बुढ़िया की दिनचर्या और रहन-सहन आम लोगों को निस 6 अलग था? ‘माटी वाली’ पाठ के आधार पर लिखिए।


माटी वाली’ की तरह ही कुछ महिलाएँ हमारे समाज में आज भी यातना झेल रही हैं। आप इनकी मदद कैसे कर सकते हैं, लिखिए।


जैसे मैं फिर से तैरना सीख रहा हूँ।’-लेखक ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है और क्यों ?


लेखक शमशेर बहादुर के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बताइए कि इससे आपको किन-किन मूल्यों को ग्रहण करने की प्रेरणा मिलती है?


पशुओं की किस गुप्त शक्ति से मनुष्य वंचित है?


प्रस्तुत यात्रा-वृत्तांत के आधार पर बताइए कि उस समय का तिब्बती समाज कैसा था?


कंजुर क्या हैं। इनकी विशेषताएँ लिखिए।


लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है?


पाठ के आधार पर आज के उपभोक्तावादी युग में पनप रही 'दिखावे की संस्कृति' पर विचार व्यक्त कीजिए।


वृंदावन में यमुना का साँवला पानी किन-किन घटनाओं की याद दिलाता है?


अब हिमालय और लद्दाख की बरफ़ीली जमीनों पर रहने वाले पक्षियों की वकालत कौन करेगा’? ऐसा लेखक ने क्यों कहा होगा? ‘सावले सपनों की याद’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं?


लेखक की दृष्टि प्रेमचंद के जूते पर क्यों अटक गई?


सुभद्रा कुमारी ने महादेवी की काव्य प्रतिभा को निखारने में कैसे मदद की?


पाठ में आए सामासिक पद छाँटकर विग्रह कीजिए -

पूजा-पाठ पूजा और पाठ
__________________ __________________
__________________ __________________
__________________ __________________
__________________ __________________

मूक प्राणी मनुष्य से कम संवेदनशील नहीं होते। पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×