Advertisements
Advertisements
प्रश्न
आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रही है?
Advertisements
उत्तर
आज की उपभोक्तावादी संस्कृति हमारे जीवन पर हावी हो रही है। मनुष्य आधुनिक बनने की होड़ में बौद्धिक दासता स्वीकार कर रहे हैं, पश्चिम की संस्कृति का अनुकरण किया जा रहा है। आज उत्पाद को उपभोग की दृष्टि से नहीं बल्कि महज दिखावे के लिए खरीदा जा रहा है। विज्ञापनों के प्रभाव से हम दिग्भ्रमित हो रहे हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
नौजवान के पानी में उतरते ही कुत्ता भी पानी में कूद गया। दोनों ने किन भावनाओं के वशीभूत होकर ऐसा किया?
लेखिका ने लिखा है कि उसकी नानी एकदम मुँहज़ोर हो उठीं। वे कब और क्यों मुँहज़ोर हो उठीं?
लेखक ने बच्चन के व्यक्तित्व के किन-किन रूपों को उभारा है?
लेखक को हिंदी लेखन की ओर आकर्षित करने में किन-किन साहित्यकारों का योगदान रहा और किस प्रकार?
गया ने हीरा-मोती को दोनों बार सूखा भूसा खाने के लिए दिया क्योंकि -
(सही उत्तर के आगे (✓) का निशान लगाइए।)
रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए तथा उपवाक्य छाँटकर उसके भी भेद लिखिए-
दीवार का गिरना था कि अधमरे-से पड़े हुए सभी जानवर चेत उठे।
हीरा और मोती ने गया के घर स्वयं को अपमानित क्यों महसूस किया?
डाँड़े के प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण कीजिए।
लोग उपभोक्तावादी संस्कृति अपनाते जा रहे हैं। इसका क्या परिणाम हो रहा है?
उपभोक्तावादी संस्कृति का अंधानुकरण हमारी संस्कृति के मूल तत्वों के लिए कितना घातक है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ के आलोक में स्पष्ट कीजिए।
पक्षियों के प्रति सालिम अली की दृष्टि अन्य लोगों की दृष्टि में क्या अंतर है? ‘साँवले सपनों की याद’ पाठ के आधार पर लिखिए।
अंग्रेज़ सैनिक नाना साहब के प्रासाद के भग्नावशेष पर क्यों गए?
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं।
पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं?
यदि अन्य लोगों की तरह प्रेमचंद भी फ़ोटो का महत्त्व समझते तो क्या करते?
लेखक ने प्रेमचंद की दशा का वर्णन करते-करते अपने बारे में भी कुछ कहकर लेखकों की स्थिति पर प्रकाश डाला है। ‘प्रेमचंद’ और लेखक ‘परसाई’ में आपको क्या-क्या समानता-विषमता दिखाई देती है? लिखिए।
महादेवी के बाबा की सोच समाज के अन्य पुरुषों से किस तरह अलग थी?
प्रस्तुत पाठ एक निबंध है। निबंध गद्य-साहित्य की उत्कृष्ट विधा है, जिसमें लेखक अपने भावों और विचारों को कलात्मक और लालित्यपूर्ण शैली में अभिव्यक्त करता है। इस निबंध में उपर्युक्त विशेषताएँ कहाँ झलकती हैं? किन्हीं चार का उल्लेख कीजिए।
गुरुदेव पशु-पक्षियों से भी लगाव रखते थे। एक कुत्ता और एक मैना’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
लेखक को कौओं के संबंध में किस नए तथ्य का ज्ञान हुआ और कैसे?
