हिंदी

लेखक शमशेर बहादुर के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बताइए कि इससे आपको किन-किन मूल्यों को ग्रहण करने की प्रेरणा मिलती है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

लेखक शमशेर बहादुर के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए बताइए कि इससे आपको किन-किन मूल्यों को ग्रहण करने की प्रेरणा मिलती है?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

लेखक शमशेर बहादुर स्वाभिमानी व्यक्ति थे। वे अपने ही घर के सदस्य की बात सहन नहीं कर पाए और दिल्ली चले आए। यहाँ आकर वे विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते रहे और चित्रकला सीखी। वे विपरीत परिस्थितियों से घबराए। बिना आगे बढ़ने का प्रयास करते रहे। देहरादून में उन्होंने लगन से कंपाउंडरी सीखी और अंग्रेजी, उर्दू भाषा की सीमा में बँधे बिना हिंदी में लेखन करने लगे। शमशेर बहादुर सिंह के व्यक्तित्व से हमें स्वाभिमानी बनने, मन लगाकर काम करने, विपरीत परिस्थितियों से हार न मानने तथा बड़ों का आदर सम्मान करने जैसे जीवन मूल्य ग्रहण करने की प्रेरणा मिलती है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 5: किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Kritika Part 1 Class 9
अध्याय 5 किस तरह आखिरकार मैं हिंदी में आया
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

संबंधित प्रश्न

शंकर जैसे लड़के या उमा जैसी लड़की - समाज को कैसे व्यक्तित्व की ज़रूरत है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।


आज माटी वाली बुड्ढे को कोरी रोटियाँ नहीं देगी - इस कथन के आधार पर माटी वाली के हृदय के भावों को अपने शब्दों में लिखिए।


लेखिका ने अपनी माँ को परीजात-सी जादुई क्यों कहा है? ससुराल में उनकी क्या स्थिति थी?


लेखिका को अपनी माँ और अन्य परंपरागत माताओं में क्या अंतर नज़र आया?


लेखक ने अपने किस निर्णय को घोंचूपन और पलायन करना कहा है?


“न इस काबिल हुआ और न इसकी चिंता की।” लेखक ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है और क्यों ?


किन बातों से प्रकट होता है कि हीरा-मोती में भाई चारा था।


हीरा और मोती अपने मालिक झूरी के साथ किस तरह का भाव रखते थे?


अपनी यात्रा के दौरान लेखक को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?


'हालाँकि उस वक्त मेरा भेष ऐसा नहीं था कि उन्हें कुछ भी खयाल करना चाहिए था।'-

उक्त कथन के अनुसार हमारे आचार-व्यवहार के तरीके वेशभूषा के आधार पर तय होते हैं। आपकी समझ से यह उचित है अथवा अनुचित, विचार व्यक्त करें।


आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए।


इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषा शैली की चार विशेषताएँ बताइए।


मैना ने सेनापति से क्या निवेदन किया और क्यों?


अंग्रेज़ सैनिक नाना साहब के प्रासाद के भग्नावशेष पर क्यों गए?


सही कथन के सामने(✓) का निशान लगाइए -

(क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है।
(ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।
(ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है।
(घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो?


प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने क्या-क्या आशंका प्रकट की है?


महादेवी और सुभद्रा कुमारी की मुलाकात और मित्रता का वर्णने अपने शब्दों में कीजिए।


ज़ेबुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। ज़ेबुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होती?


निम्नलिखित शब्दों से उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए और मूल शब्द बताइए -

निराहारी - निर्‌ + आहार + ई

सांप्रदायिकता

अप्रसन्नता

अपनापन

किनारीदार

स्वतंत्रता


निम्नलिखित वाक्यों में कर्म के आधार पर क्रिया-भेद बताइए-

(क) मीना कहानी सुनाती है।

(ख) अभिनव सो रहा है।

(ग) गाय घास खाती है।

(घ) मोहन ने भाई को गेंद दी।

(ड.) लड़कियाँ रोने लगीं।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×