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4.5 cm साइज़ की कोई सुई 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से 12 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा आवर्धन लिखिए। क्या होता है जब सुई को दर्पण से दूर ले जाते हैं? वर्णन कीजिए।

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प्रश्न

4.5 cm साइज़ की कोई सुई 15 cm फोकस दूरी के किसी उत्तल दर्पण से 12 cm दूर रखी है। प्रतिबिंब की स्थिति तथा आवर्धन लिखिए। क्या होता है जब सुई को दर्पण से दूर ले जाते हैं? वर्णन कीजिए।

संख्यात्मक
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उत्तर

सुई की ऊँचाई, h1 = 4.5 cm

दर्पण से वस्तु (सुई) की दूरी, u = −12 cm

उत्तल दर्पण की फोकस दूरी, f = 15 cm

प्रतिबिंब की दूरी = v

`1/"u" + 1/"v" = 1/"f"`

`1/"v" = 1/"f" - 1/"u"`

`1/"v" = 1/15 - 1/-12`

`1/"v" = 1/15 + 1/12`

`1/"v" = (4 + 5)/60`

`1/"v" = 9/60`

v = `60/9`

∴ v = 6.67 cm

अर्थात प्रतिबिंब दर्पण के पीछे दर्पण से 6.67 cm दूरी पर बनेगा।

दर्पण के आवर्धन सूत्र m = `"h"_2/"h"_1 = - ("v"/"u")` से,

प्रतिबिंब का आकार

∴ `"h"_2 = - "v"/"u" xx "h"_1`

= `-6.67/(-12) xx 4.5`

= + 2.5 cm

अर्थात् प्रतिबिंब सीधा (आभासी) तथा 2.5 cm लंबा (ऊँचा) बनेगा।

जब सुई को दर्पण से दूर ले जाते हैं तो इसका प्रतिबिंब दर्पण से दूर फोकस की ओर खिसकेगा तथा इसका आकार घटता जायेगा।

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गोलीय दर्पणों द्वारा प्रकाश का परावर्तन
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अध्याय 9: किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र - अभ्यास [पृष्ठ ३४७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Bhautiki bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
अध्याय 9 किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
अभ्यास | Q 9.2 | पृष्ठ ३४७

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