मराठी

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० chapter 4 - वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था [Latest edition]

Advertisements

Chapters

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० chapter 4 - वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था - Shaalaa.com
Advertisements

Solutions for Chapter 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १०.


अभ्यास
अभ्यास [Pages 72 - 73]

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० 4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था अभ्यास [Pages 72 - 73]

अभ्यास | Q 1. | Page 72

वैश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? अपने शब्दों से स्पष्ट कीजिए।

अभ्यास | Q 2. | Page 72

भारत सरकार द्वारा विदेश व्यापार एवं विदेशी निवेश पर अवरोधक लगाने के क्या कारण थे? इन अवरोधकों को सरकार क्यों हटाना चाहती थी?

अभ्यास | Q 3. | Page 72

श्रम कानूनों में लचीलापन कंपनियों को कैसे मदद करेगा?

अभ्यास | Q 4. | Page 72

दूसरे देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ किस प्रकार उत्पादन पर नियंत्रण स्थापित करती हैं?

अभ्यास | Q 5. | Page 72

विकसित देश, विकासशील देशों से उनके व्यापार और निवेश का उदारीकरण क्यों चाहते हैं? क्या आप मानते हैं कि विकासशील देशों को भी बदले में ऐसी माँग करनी चाहिए?

अभ्यास | Q 6. | Page 72

वैश्वीकरण का प्रभाव एक समान नहीं है। इस कथन की अपने शब्दों में व्याख्या कीजिए।

अभ्यास | Q 7. | Page 72

व्यापार और निवेश नीतियों का उदारीकरण वैश्वीकरण प्रक्रिया में कैसे सहायता पहुँचाती है?

अभ्यास | Q 8. | Page 72

विदेश व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों के एकीकरण में किस प्रकार मदद करता है? यहाँ दिए गए उदाहरण से भिन्न उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।

अभ्यास | Q 9. | Page 72

वैश्वीकरण भविष्य में जारी रहेगा। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आज से बीस वर्ष बाद विश्व कैसा होगा? अपने उत्तर का कारण दीजिए।

अभ्यास | Q 10. | Page 72

मान लीजिए कि आप दो लोगों को तर्क करते हुए पाते हैं-एक कह रहा है कि वैश्वीकरण ने हमारे देश के विकास को क्षति पहुँचाई है, दूसरा कह रहा है कि वैश्वीकरण ने भारत के विकास में सहायता की है। इन लोगों को आप कैसे जवाब देगें?

अभ्यास | Q 11. | Page 72

दो दशक पहले की तुलना में भारतीय खरीददारों के पास वस्तुओं के अधिक विकल्प हैं। यह ______ की प्रक्रिया से नजदीक से जुड़ा हुआ है। अनेक दूसरे देशों में उत्पादित वस्तुओं को भारत के बाजारों में बेचा जा रहा है। इसका अर्थ है कि अन्य देशों के साथः ______ बढ़ रहा है। इससे भी आगे भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा उत्पादित ब्रांडों की बढ़ती संख्या हम बाजारों में देखते हैं। बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं क्योंकि ______। जबकि बाज़ार में उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प इसलिए बढ़ते ______ और ______ के प्रभाव का अर्थ है। उत्पादकों के बीच अधिकतम ______।

अभ्यास | Q 12. | Page 72

निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए

(क) बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ छोटे उत्पादकों से सस्ते दरों (अ)  मोटर गाड़ियों पर खरीदती हैं।
(ख)  आयात पर कर और कोटा का उपयोग, व्यापार (ब)  कपड़ा, जूते-चप्पल, खेल के सामान नियमन के लिए किया जाता है।
(ग) विदेशों में निवेश करने वाली भारतीय कंपनियाँ। (स)  कॉल सेंटर
(घ) आई०टी० ने सेवाओं के उत्पादन के प्रसार में सहायता की है। (द) टाटा मोटर्स, इंफोसिस, रैनबैक्सी
(ङ) अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने उत्पादन करने के लिए निवेश किया है। (य)  व्यापार अवरोधक

सही विकल्प का चयन कीजिए

अभ्यास | Q 13. (अ) | Page 73

वैश्वीकरण के विगत दो दशकों में द्रुत आवागमन देखा गया है

  • देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और लोगों का

  • देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं और निवेशों का

  • देशों के बीच वस्तुओं, निवेशों और लोगों का

अभ्यास | Q 13. (आ) | Page 73

विश्व के देशों में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा निवेश का सबसे अधिक सामान्य मार्ग है

  • नए कारखानों की स्थापना

  • स्थानीय कंपनियों को खरीद लेना।

  • स्थानीय कंपनियों से साझेदारी करना।

अभ्यास | Q 13. (इ) | Page 73

वैश्वीकरण ने जीवन-स्तर के सुधार में सहायता पहुँचाई है

  • सभी लोगों के

  • विकसित देशों के लोगों के

  • विकसित देशों के श्रमिकों के

  • उपर्युक्त में से कोई नहीं

Solutions for 4: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

अभ्यास
NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० chapter 4 - वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था - Shaalaa.com

NCERT solutions for सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० chapter 4 - वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था

Shaalaa.com has the CBSE Mathematics सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० CBSE 4 (वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.

Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.

Concepts covered in सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० chapter 4 वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था are परिचय: वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था, अन्तरदेशीय उत्पादन, विश्व-भर के उत्पादन को एक-दूसरे से जोड़ना, विदेश व्यापर और बाज़ारों का एकीकरण, वैश्वीकरण क्या है?, वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले कारक, विश्व व्यापार संगठन, भारत में वैश्वीकरण का प्रभाव, न्यायसंगत वैश्वीकरण के लिए संघर्ष.

Using NCERT सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० solutions वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.

Get the free view of Chapter 4, वैश्वीकरण और भारतीय अर्थव्यवस्था सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० additional questions for Mathematics सामाजिक विज्ञान आर्थिक विकास की समझ [हिंदी] इयत्ता १० CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×