Advertisements
Chapters
2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
3: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
▶ 4: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
5: साझेदारी फर्म का विघटन
![NCERT solutions for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु NCERT solutions for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु - Shaalaa.com](/images/lekhashastra-alaabhkaari-sansthaye-evam-sajhedaari-khate-hindi-class-12_6:a01698c172b745558c81a6164a357776.jpg)
Advertisements
Solutions for Chapter 4: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
Below listed, you can find solutions for Chapter 4 of CBSE NCERT for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२.
NCERT solutions for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ 4 साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु अभ्यास के लिए प्रश्न [Pages 219 - 227]
लघु उत्तरीय प्रश्न
किन-किन परिस्थितियों में एक साझेदार फर्म से सेवानितृत्त हो सकता है।
एक साझेदार की सेवानिवृत्ति के समय किए जाने वाले विभिन्न समायोजनों का वर्णन कीजिए।
त्याग अनुपात तथा अभिलाभ अनुपात में अंतर स्पष्ट कीजिए।
किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति/मृत्यु के समय फर्म को अपनी परिसंपत्तियों का मूल्यांकन और दायित्वों के दोबारा निर्धारण की आवश्यकता क्यों होती है?
सेवानिवृत्त/मृत साझेदार फर्म की ख्याति में उसका भाग पाने का अधिकारी क्यों होता है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
सेवानिवृत्त साझेदारों को भुगतान करने के विर्भिन्न विधियों को समझाइए।
आप मृत साझेदार के देय राशि की गणना किस प्रकार करेंगे।
किसी साझेदार के सेवानिवृत्ति के समय या उसकी मृत्यु की दशा में ख्याति के व्यवहार का वर्णन कीजिए।
एक साझेदार की मृत्यु की घटना पर लाभ में से उसके भाग की गणना करने की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
अपर्णा, मनीषा और सोनिया लाभ का विभाजन 3 : 2 : 1 में करते हुए साझेदार हैं। मनीषा सेवानिवृत्त करती है तथा फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 1,80,000 रुपये किया गया। अपर्णा तथा सोनिया भविष्य के लाभों का बँटवारा 3: 2 के अनुपात में करने का निर्णय लेती हैं। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियाँ कीजिए।
संगीता, सरोज तथा शांति साझेदार हैं लाभ व हारिन का विभाजन अनुपात 2 : 3 : 5 है , फर्म की पुस्तकों में ख्याति का मूल्य 60,000 रू. है। संगीता सेवार्निवृत्त होती है। ख्याति का मूल्यांकन 90,000 रू. हुआ। सरोज तथा शांति भविष्य में लाभ का विभाजन बराबर करने का निर्णय लेते हैं। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।
हिमांशू, गगन और नमन साझेदार हैं , उनका लाभ व हानि विभाजन अनुपात 3: 2: 1 है। 31 मार्च, 2007 को नमन सेवानिवृत्त होता है। इस तिथि को फर्म की विभिन्न परिसंपत्तियाँ तथा दायित्व इस प्रकार हैं:
रोकड़ 10,000 रुपये, भवन 1,00,000 रुपये, संयत्र तथा मशीनरी 40,000 रुपये, स्यॉक 20,000 रुपये, देनदार 20,000 रुपये तथा विनियोग 30,000 रूपये है। नमन के सेवानिवृत्त होने पर साझेदारों के बीच निम्न पर सहमति हुई:
- भवन पर 20% ह्रास लगेगा।
- संयत्र तथा मशीनरी पर 10% का हास लगेगा।
- देनदारों पर डूबत तथा संदिग्ध ऋण के लिए 5% का प्रावधान होगा।
- स्टॉक का मूल्यांकन 18,000 रुपये तथा विनियोगों का 35,000 रुपये हुआ।
आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करते हुए इनका प्रभाव दर्शाइए तथा पुनर्मूल्यांकन खाता तैयार करें।
नरेश, राजकुमार तथा विश्वजीत बराबर के साझेदार हैं। राजकुमार सेवानिवृत्त होने का निर्णय लेता है। सेवानिवृत्ति की तिधि को फर्म का तुलन पत्र इस प्र इस प्रकार दर्शाया जाता हैः
सामान्य संचय 36,000 रूपये तथा लाभ एवं हानि खाता (नाम) 15,000 रुपये। उपर्युक्त का प्रभाव दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि का अभिलेखन करें।
दिग्विजय, बृजेश तथा पराक्रम फर्म में साझेदार हैं जिनका लाभ विभाजन अनुपात 2 : 2 : 1 है। 31 मार्च, 2017 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है:
| दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
| लेनदार |
49,000 |
रोकड़ | 8,000 |
| संचय | 18,500 | देनदार | 19,000 |
| दिग्वजय की पूँजी |
82,000 |
स्टॉक | 42,000 |
| बृजेश की पूँजी |
60,000 |
भवन | 2,07,000 |
|
पराक्रम की पूजी |
75,500 | पेटेंट | 9,000 |
| 2,85,000 | 2,85,000 |
31 मार्च, 2017 को बृजेश निम्न शर्तो पर सेवानिवृत्त होता है:
- फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 70,000 रुपये हुआ तथा पुस्तकों में नर्ही दर्शाया जाएगा।
- 2,000 रूपये मूल्य के डूबत ऋण को अपलिखित किया।
- पेटेंट को मूल्य रहित माना जाएगा।
पुनर्मूल्यांकन खाता, साझेदारों के खाते तथा बृजेश के सेवानिवृत्त होने के बाद दिगविजय तथा पराक्रम का तुलन पत्र तैयार करें।
राधा, शीला तथा मीना साझेदार है उनका लाभ तथा हानि विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 है। 01 अप्रैल, 2019 को शीला फर्म से सेवानिवृत होती है। इस तिथे को फर्म का तुलन पत्र निम्न प्रकार है:
| दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
|
| व्यापारिक लेनदार | 3,000 |
हस्तस्थ रोकड़ |
1,500 | |
|
देय विपत्र |
4,500 | बैंकस्थ रोकड़ | 7,500 | |
|
बकाया व्यय |
4,500 | देनदार | 15,000 | |
|
सामान्य संचय |
13,500 | स्टॉक | 12,000 | |
|
पूँजी : |
कारस्बाना पारसस |
22,500 |
||
| राधा | 15,000 | 45,000 | यंत्र | 8,000 |
| शीला | 15,000 |
ख़ल अमाजार |
4,000 | |
| मीना | 15,000 | खुले औजार | 4,000 | |
| 70,500 | 70,500 |
शते निम्न है:
(अ) फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 13,000 रुपये है।
(ब) बकाया व्यय 3,750 रूपये तक कम हुए।
(स) मशीनरी तथा खुले औज़ार का मूल्यांकन पुस्तक मूल्य से 10% कम होगा।
(द) कारखाना परिसर का पुनर्मूल्यांकन 24,300 रूपये हुआ।
तैयार करें:
- पुनर्मूल्यांकन खाता;
- साझेदारों के पूँजी खाते; तथा
- शीला के सेवानिवृत्त होने के बाद फर्म का तुलन पत्र।
पंकज, नरेश तथा सौरभ साझेदार हैं उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 है। नरेश ने बीमारी के कारण फर्म से सेवानिवृत्ति ली। इस तिथि को फर्म का तुलन पत्र निम्न है:
|
पंकब, नरेश और सौरम की पुस्तके |
|||||
| दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
||
| सामान्य संचय | 12,000 | बैक | 7,600 | ||
| विविध लेनदार | 15,000 | देनदार | 6,000 |
5,600 |
|
| देय विपत्र | 12,000 |
घटाया: संदिग्ध ऋणो |
(400) | ||
|
बकाया वेतन |
2,200 | स्टॉक | 9,000 | ||
| कानूनी हानि के लिए प्रावधान |
|
6,000 | फ़र्नीचर | 41,000 | |
| पूँजी: | परिसर | 80,000 | |||
| पंकज | 46,000 | 96,000 | |||
|
नरेश |
30,000 | ||||
| सौरभ |
20,000 |
||||
|
|
1,43,200 | 1,43,200 | |||
अतिरिक्त सूचनाएँ -
- परिसर का मूल्य 20% अधिक हुआ, स्टॉक 10 % से कम हुआ तथा देनदारों पर संदिग्ध ऋण के लिए 5 % का प्रावधान करें। कानून से हानि के लिए 1,200 रुपये का प्रावधान बनाएँ तथा फर्नीचर का मूल्य 45,000 रुपये अधिक हुआ।
- फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 42,000 रूपये किया गया।
- नरेश के पूँजी खाते से 26,000 रूपये का ऋण में हस्तांतरण किया गया तथा शेष का भुगतान बैंक से किया गया। यदि आवश्यक हुआ तो बैंक से ऋण लिया जाएगा।
- पंकज तथा सौरभ ने यह निर्णय लिया कि लाभ व हानि के विभाजन का नया अनुपात 5 : 1 होगा। नरेश के सेवानिवृत्त होने के बाद आवश्यक बही खाता तथा तुलन पत्र तैयार करें।
पुनीत, पंकज तथा पम्मी व्यापार में साझेदार हैं, अपना लाभ तथा हानि विभाजन 2: 2: 1 के अनुपात में करते हैं। 31 मार्च, 2017 को तुलन पत्र इस प्रकार हैः
|
पुनीत, पंकज तथा पम्मी की पुस्तकें |
||||
|
दायित्व |
राशि |
परिसंपत्तियाँ |
राशि (रू.) |
|
| विविध लेनदार |
|
1,00,000 | बैकस्थ रोकड़ | 20,000 |
|
पूँजी खाते: |
स्टॉक | 30,000 | ||
|
पुनीत |
60,000 | 2,00,000 |
विविध देनदार |
80,000 |
| पंकज | 1,00,000 | विनियोग | 70,000 | |
| पम्मी | 40,000 | फ़र्नीचर | 35,000 | |
| संचय | 50,000 | भवन | 1,15,000 | |
| 3,50,000 | 3,50,000 | |||
30 सितंबर, 2017 को पम्मी की मृत्यु हो गई। साझेदारी संलेख में निम्न पूर्व निर्दिष्ट हैं :
- मृत साझेदार मृत्यु की तिरिथ तक के लाभ का अधिकारी होगा जिसकी गणना पिछले वर्ष के लाभ आधार पर होगी।
- वह फर्म में अपने भाग की ख्याति का अधिकारी होगा जिसकी गणना अंतिम चार वर्षों के औसत लाभ के तीन वर्षों में क्रय के आधार पर की जाएगी। अंतिम चार वित्तीय वर्षों का लाभ इस प्रकार है
2015−16 के लिए 80,000 रुपये; 2016-17 के लिए 50,000 रूपये; 2017-18 के लिए 40,000 रुपये, 2018-19 के लिए 30,000 रूपये, मृत्यु की तिधि तक मृत साझेदार के आहरण 10,000 रुपये में। पूँजी पर ब्याज 12% प्रति वर्ष दिया जाएगा।
शेष साझेदार उसके उत्तराधिकारी को 15,400 रूपये का भुगतान तुरंत करने के लिए सहमत हो जाते हैं और बकाया शेष 12% प्रतिवर्ष ब्याज सहित चार बराबर वार्षिक किश्तों में दिया जाएगा। पम्मी का पूँजी खाता, उसके उत्तराधिकारी का खाता देय राशि के निपटारे की तिथि तक दिखाइए।
31 मार्च, 2020 को प्रतीक, रॉकी तथा कुशल का तुलन पत्र निम्न प्रकार है:
| प्रतिक, रॉकी और कुशल की पुस्तकें 31 मार्च, 2020 को तुलन पत्र |
||||
| दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
|
| विविध लेनदार | 16,000 | प्राप्त विपत्र | 16,000 | |
| सामान्य संचय | 16,000 | फ़र्नीचर | 22,600 | |
| पूँजी खाते: | स्टॉक | 20,400 | ||
| प्रतिक | 30,000 | 70,000 | विविध देनदार | 22,000 |
| रॉकी | 20,000 | बैंकस्थ रोकड़ | 18,000 | |
| कुशल | 20,000 | हस्तस्थ रोकड़ | 3,000 | |
| 1,02,000 | 1,02,000 | |||
30 जून, 2020 को रॉकी की मृत्यु हो गई। साझेदारी संलेख की शर्तों के अनुसार, मृत साझेदार का उत्तराधिकारी निम्न का अधिकारी होगा:
(अ) साझेदार के पूँजी खाते के नाम शेष का।
(ब) पूँजी पर 5 % प्रतिवर्ष ब्याज का।
(स) गत तीन वर्षों के औसत लाभ के दोगुने के आधार पर ख्यांति में भाग।
(द) गत वर्ष के लाभ के आधार पर गत वित्तीय वर्ष की समाप्ति से मृत्यु की तिथि तक लाभ में भाग। 31 मार्च, 2018, 31 मार्च, 2019 तथा 31 मार्च, 2020 को समाप्त वर्ष के लाभ क्रमश: 12,000 रुपये, 16,000 रूपये, तथा 14,000 रूपये है। लाभ का विभाजन पूँजी अनुपात में किया जाएगा।
आवश्यक रोजनामचा प्रविष्टियाँ दे तथा रॉकी का पूँजी खाता बनाए जो कि उसके उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।
नांरग, सूरी और बजाज एक फर्म में साझेदार है। उनका लाभ तथा हानि विभाजन क्रमश: `1/2, 1/6 " और " 1/3` है। 01 अप्रैल, 2017 को तुलन पत्र इस प्रकार है:
|
नांरग, सूती और बजाब की पुस्तके |
|||||
|
दायित्व |
|
राशि (रु.) | परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) | |
|
देय बिपत्र |
12,000 |
पूर्ण स्वामित्व परिसर |
40,000 | ||
|
विविध लेनदार |
18,000 | मशीनरी | 30,000 | ||
|
संचय |
12,000 | फर्नीचर | 12,000 | ||
|
पूँजी खाते: |
स्टॉक | 22,000 | |||
| नांरग | 30,000 | 88,000 |
विविध देनदार |
20,000 | |
| सूती | 20,000 |
घटाया: संदिश्ध ऋणों |
(1,000) | 19,000 | |
| बजाब | 38,000 | रोकड़ | 7,000 | ||
| 1,30,000 | 1,30,000 | ||||
बजाज फर्म से सेवानिवृत हुआ तथा साझेदार निम्न पर सहमत हुए:
(अ) पूर्ण स्वामित्व परिसर तथा फर्नांचर का मूल्यांकन क्रमशः 20% तथा 15% अधिक पर हुआ।
(ब) मशीनरी तथा फर्नीचर का मूल्यांकन क्रमशः 10% तथा 7% कम पर हुआ।
(स) डूबत ऋण के लिए प्रावधान 1,500 रूपये तक बढ़ाया गया।
(द) बजाज के सेवानिवृत्त होने पर ख्याति का मूल्यांकन 21,000 रुपये पर हुआ।
(य) विद्यमान साझेदारों ने यह निर्णय लिया कि बजाज की सेवानिवृत्ति के बाद पूँजी को नए लाभ हानि विभाजन अनुपात के अनुसार समायोजित करेंगे।
पूँजी खाते में आधिक्य/कमी को वर्तमान खाते के द्वारा समायोजित किया जाएगा। पुनर्गठित फर्म का तुलन पत्र तथा आवश्यक बही खाते तैयार करें।
31 मार्च, 2017 को राजेश, प्रमोद तथा निशांत का तुलन पत्र निम्न है, जो कि अपने लाभ को पूँजी के अनुसार विभाजित करते हैं:
|
राजेश, प्रमोद तथा निशांत की पुस्तके |
|||||
| दायित्व | राशि (रु.) | परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) | ||
| देय विपत्र | 6,250 | कारखाना भवन | 12,000 | ||
| विविध लेनदार | 10,000 | देनदार | 10,500 | 10,000 | |
| सामान्य संचय | 2,750 | घटाया: संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान |
500 | ||
| पूँजी खाते: | प्राप्त विपत्र | 7,000 | |||
| राजेश | 20,000 | 50,000 | स्टॉक | 15,500 | |
| प्रमोद | 15,000 | संयंत्र व मशीनरी | 11,500 | ||
| निशांत | 15,000 | बैंक शेष | 13,000 | ||
| 69,000 | 69,000 | ||||
तुलन पत्र की तिथि को प्रमोद सेवानिवृत्त होता है तथा निम्न समायोजन किए जाएँगे:
(अ) स्टॉक का मूल्यांकन पुस्तक मूल्य से 10 % कम पर होगा।
(ब) कारखाना भवन का 12 % अधिक पर मूल्यांकन होगा।
(स) संदिग्ध ऋण के लिए प्रावधान का 5% तक प्रावधान करें।
(द) कानूनी प्रभार का संचय 265 रूपये तक बनाया जाएगा।
(य) फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 10,000 रुपये होगा।
(फ) नयी फर्म की पूँजी 30,000 रूपये होगी। विद्यमान साझेदार निर्णय लेते हैं कि उनकी पूँजी नए लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 के अनुसार होगी।
प्रमोद के पूँजी खाते को ऋण खाते में हस्तांतरित करने के पश्चात पुनर्गाठित फर्म का तुलन पत्र तैयार करें तथा रोजनामचा प्रविष्ट दें।
31 मार्च, 2020 को जैन, गुप्ता और मलिक का तुलन पत्र निम्न है:
|
जैन, गुप्ता और मलिक की पुस्तके |
||||
| दायित्व | राशि (रु.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रु.) |
|
| विविध लेनदार | 19,800 | भूमि और भवन | 26,000 | |
| टेलीफ़ोन बिल बकाया | 300 | बॉंड | 14,370 | |
| देय खाते | 8,950 | रोकड़ | 5,500 | |
| लाभ व हानि | 16,750 | प्राप्त विपत्र | 23,450 | |
| पूँजी: | विविध देनदार | 26,700 | ||
| जैन | 40,000 | 1,20,000 | स्टॉक | 18,100 |
| गुप्ता | 60,000 | कार्यालय फ़र्नीचर | 18,250 | |
| मलिक | 20,000 | संयंत्र व मशीनरी | 20,230 | |
| कंपयूटर | 13,200 | |||
| 1,65,800 | 1,65,800 | |||
साझदार अपने लाभ का विभाजन 5 : 3 : 2 के अनुपात में करत हैं। 01 अप्रैल, 2020 को मलिक सेवानिवृत होने का निर्णय लेता है तथा व्यापार में उसके भाग की गणना परिसंपत्तियों और दायित्वों का पुनर्मूल्यांकन निम्न शर्तों पर करेंगे:
स्टॉक 20,000 रूपये, कार्यालय फर्नीचर 14,250 रुपये, संयंत्र तथा मशीनरी 23,530 रूपये, भूमि और भवन 20,000 रूपये ।
संदिन्ध ऋण के लिए 1,700 रूपये का प्रावधान बनाएँगे। फर्म की ख्याति का मूल्यांकन 9,000 रुपये होगा। विद्यमान साझेदार मलिक को सेवानिवृत्ति पर 16,500 रुपये का रोकड़ भुगतान करने के लिए सहमत हुए। रोकड़ का योगदान विद्यमान साझेदार 3: 2 के अनुपात में करेंगे। मलिक के पूँजी खाते के शेष को ऋण मानेंगे। पुनर्गठित फर्म का पुनर्मूल्यांकन खाता, पूँजी खाते तथा तुलन पत्र तैयार करें।
आरती, भारती और सीमा साझेदार हैं। उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 है। मार्च 31, 2020 को उनका तलन पत्र इस प्रकार है:
|
आरती, भारती और सीमा की पुस्तके |
||||
| दायित्व |
राशि (रू.) |
परिसंपत्तियाँ | राशि (रू.) | |
|
देय विपत्र |
12,000 | भवन | 21,000 | |
| लेनदार | 14,000 |
हस्तस्थ रोकड़ |
12,000 | |
|
सामान्य संजय |
12,000 | बैक | 13,700 | |
| पूँजी: | देनदार | 12,000 | ||
| आरती | 20,000 | 40,000 |
प्राप्य विफत |
4,300 |
| भारती | 12,000 | स्टॉक | 1,750 | |
| सीमा | 8,000 | विनियोग | 13,250 | |
| 78,000 | 78,000 | |||
12 जून, 2020 को भारती की मृत्यु हो गई, साझदारी संलेख क अनुसार उसक उच्तराधिकारी को निम्न का भुगतान किया जाएगाः
(अ) उसकी मृत्यु के समय पूँजी खाते का शेष 10 % प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित।
(ब) संचय कोष में उसका आनुपातिक हिस्सा।
(स) इस समयार्वधि के लिए उसके भाग का लाभ इस समय हुए विक्रय पर आधारित है, जो कि 1,00,000 रूपये है। पिछले तीन वर्षो के दौरान विक्रय पर लाभ की दर 10 % है।
(द) ख्याति की गणना उसके लाभ में भाग के अनुसार पिछले तीन वर्षों के औसत लाभ में से 20 % घटाकर उसके दोगुने के बराबर की जाएगी। पिछले वर्षो का लाभ इस प्रकार है :
| 2016 | 8,200 रूपये |
| 2017 | 9,000 रूपये |
| 2018 | 9,800 रूपये |
विनियोग को 16,200 में विक्रय किया गया तथा उसके उत्तराधिकारी को भुगतान हुआ। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्ट करें तथा भारती के उत्तराधिकारी का खाता बनाइए।
नित्य, सत्य, तथा मिथ्य साझेदार हैं जिनका लाभ व हानि विभाजन अनुपात 5: 3: 2 है। 31 मार्च, 2020 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है-
|
नित्य, सत्य और मिथ्य की पुस्तके |
||||
|
दायित्व |
|
राशि (रु.) | परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) |
| लेनदार | 14,000 | विनियोग | 10,000 | |
| सामान्य संचय | 6,000 | फ़र्नीचर | 5,000 | |
| पूँजी: | परिसर | 20,000 | ||
| नित्य | 30,000 | 80,000 | पेटेंट | 6,000 |
| सत्य | 30,000 | मशीनरी | 30,000 | |
| मिथ्य | 20,000 | स्टॉक | 13,000 | |
| देनदार | 8,000 | |||
| बैंक | 8,000 | |||
| 1,00,000 | 1,00,000 | |||
01 मई, 2017 को मिथ्य की मृत्यु होती है। साझेदारों तथा मिथ्य के उत्तराधिकारी के बीच में समझौता इस प्रकार है:
(अ) फर्म की ख्याति का मूल्यांकन चार वर्ष के औसत लाभ के `2 1/2` गुणें के बराबर होगा। चार वर्ष का लाभ है :
2017 में 13,000 रुपये, 2018 में 12,000 रुपये, 2019 में 16,000 रूपये तथा 2020 में 15,000 रुपये
(ब) पेटेंट का मूल्यांकन 8,000 रूपये, मशीनरी 25,000 रूपये तथा परिसर 25,000 रुपये हुआ।
(स) मिथ्य के हिस्से के लाभ की गणना वर्ष 2017 के लाभ के आधार पर होगी।
(य) 4,200 रूपये का तुरंत भुगतान किया जाएगा तथा शेष राशि को 4 बराबर अर्ध-वार्षिक किश्तों में 10% की दर से ब्याज सहित किया जाएगा। ऊपरलिखित के प्रभाव को दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियों का अभिलेखन करें तथा उतराधिकारी के खाते को दर्शाइये जब तक उसका पूर्ण भुगतान न हो। 31 मार्च, 2020 को समायोजनों के प्रभाव के पश्चात, नित्य तथा सत्य का तुलन पत्र तैयार करें।
Solutions for 4: साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
![NCERT solutions for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु NCERT solutions for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु - Shaalaa.com](/images/lekhashastra-alaabhkaari-sansthaye-evam-sajhedaari-khate-hindi-class-12_6:a01698c172b745558c81a6164a357776.jpg)
NCERT solutions for लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 - साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
Shaalaa.com has the CBSE Mathematics लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ CBSE 4 (साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.
Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.
Concepts covered in लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 4 साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु are सेवानिवृत्त साझेदार को देय राशि का निपटारा, साझेदारों की पूँजी का समायोजन, साझेदार की मृत्यु, सेवानिवृत्त/मृत्त साझेदार को देय राशि का निर्धारण, नया लाभ विभाजन अनुपात, अभिलाभ अनुपात, ख्याति का व्यवहार, परिसंपत्तियों तथा दायित्वों के पुनर्भूल्यांकर के लिए समायोजन, संचित लाभों तथा हानियों का समायोजन.
Using NCERT लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ solutions साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.
Get the free view of Chapter 4, साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ additional questions for Mathematics लेखाशास्त्र अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते [हिंदी] इयत्ता १२ CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.
