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Chapters
1: ईंटें, मनके तथा अस्थियाँ
2: राजा, किसान और नगर
▶ 3: बंधुत्व, जाति तथा वर्ग
4: विचारक, विश्वास और इमारतें
भाग 2
5: यात्रियों के नज़रिए
6: भक्ति-सूफी परंपराएँ
7: एक साम्राज्य की राजधानी : विजयनगर
8: किसान, जमींदार और राज्य
9: शासक और विभिन्न इतिवृत्त
भाग 3
10: उपनिवेशवाद और देहात
11: विद्रोही और राज
12: औपनिवेशिक शहर
13: महात्मा गाँधी और राष्ट्रीय आंदोलन
14: विभाजन को समझना
15: संविधान का निर्माण
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Solutions for Chapter 3: बंधुत्व, जाति तथा वर्ग
Below listed, you can find solutions for Chapter 3 of CBSE NCERT for इतिहास [हिंदी] इयत्ता १२.
NCERT solutions for इतिहास [हिंदी] इयत्ता १२ 3 बंधुत्व, जाति तथा वर्ग अभ्यास [Pages 80 - 81]
उत्तर दीजिए (लगभग 100-150 शब्दों में)
स्पष्ट कीजिए कि विशिष्ट परिवारों में पितृवंशिकता क्यों महत्त्वपूर्ण रही होगी?
क्या आरंभिक राज्यों में शासक निश्चित रूप से क्षत्रिय ही होते थे? चर्चा कीजिए।
द्रोण, हिडिंबा और मातंग की कथाओं में धर्म के मानदंडों की तुलना कीजिए वे अपने उत्तर को भी स्पष्ट कीजिए।
किन मायनों में सामाजिक अनुबंध की बौद्ध अवधारणा समाज में उस, ब्राह्मणीय दृष्टिकोण से भिन्न थी जो ‘पुरुषसूक्त’ पर आधारित था?
निम्नलिखित अवतरण महाभारत से है जिसमें ज्येष्ठ पांडव युधिष्ठिर दूत संजय को संबोधित कर रहे हैं
“संजय धृतराष्ट्र गृह के सभी ब्राह्मणों और मुख्य पुरोहित को मेरा विनीत अभिवादन दीजिएगा। मैं गुरु द्रोण के सामने नतमस्तक होता हूँ… मैं कृपाचार्य का चरण स्पर्श करता हूँ… (और) कुरु वंश के प्रधान भीष्म के। मैं वृद्ध राजा ( धृतराष्ट्र) को नमन करता हूँ। मैं उनके पुत्र दुर्योधन और उनके अनुजों के स्वास्थ्य के बारे में पूछता हूँ तथा उनको शुभकामनाएँ देता हूँ…मैं उन सब कुरु योद्धाओं का अभिनंदन करता हूँ जो हमारे भाई, पुत्र और पौत्र हैं… सर्वोपरि मैं उन महामति विदुर को (जिनको जन्म दासी से हुआ है) नमस्कार करता हूँ जो हमारे पिता और माता के सदृश हैं…मैं उन सभी वृद्धा स्त्रियों को प्रणाम करता हूँ जो हमारी माताओं के रूप में जानी जाती हैं। जो हमारी पलियाँ हैं उनसे यह कहिएगा कि, “मैं आशा करता हूँ कि वे सुरक्षित हैं”…मेरी ओर से उन कुलवधुओं का जो उत्तम परिवारों में जन्मी हैं और बच्चों की माताएँ हैं अभिनंदन कीजिएगा तथा हमारी पुत्रियों का आलिंगन कीजिएगा…सुंदर, सुगंधित, सुवेशित गणिकाओं को शुभकामनाएँ दीजिएगा। दासियों और उनकी संतानों तथा वृद्ध , विकलांग और असहाय जनों को भी मेरी ओर से नमस्कार कीजिएगा….” ।
इस सूची को बनाने के आधारों की पहचान कीजिए-उम्र, लिंग-भेद व बंधुत्व के संदर्भ में। क्या कोई अन्य आधार भी हैं? प्रत्येक श्रेणी के लिए स्पष्ट कीजिए कि सूची में उन्हें एक विशेष स्थान पर क्यों रखा गया है?
निम्नलिखित पर एक लघु निबंध लिखिए (लगभग 500 शब्दों में)
भारतीय साहित्य के प्रसिद्ध इतिहासकार मौरिस विंटरविट्ज़ ने महाभारत के बारे में लिखा था कि : “चूंकि महाभारत संपूर्ण साहित्य का प्रतिनिधित्व करता है…बहुत सारी और अनेक प्रकार की चीजें इसमें निहित हैं…(वह) भारतीयों की आत्मा की अगाध गहराई को एक अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।” चर्चा कीजिए।
क्या यह संभव है कि महाभारत को एक ही रचयिता था? चर्चा कीजिए।
आरंभिक समाज में स्त्री-पुरुष के मध्य संबंधों की विषमताएँ कितनी महत्त्वपूर्ण रही होंगी? कारण सहित उत्तर दीजिए।
उन साक्ष्यों की चर्चा कीजिए जो यह दर्शाते हैं कि बंधुत्व और विवाह संबंधी ब्राह्मणीय नियमों का सर्वत्र अनुसरण नहीं होता था।
मानचित्र कार्य
इस अध्याय के मानचित्र की अध्याय 2 के मानचित्र 1 से तुलना कीजिए। कुरु-पांचाल क्षेत्र के पास स्थित महाजनपदों और नगरों की सूची बनाइए।
Solutions for 3: बंधुत्व, जाति तथा वर्ग
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NCERT solutions for इतिहास [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 3 - बंधुत्व, जाति तथा वर्ग
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Concepts covered in इतिहास [हिंदी] इयत्ता १२ chapter 3 बंधुत्व, जाति तथा वर्ग are महाभारत का समालोचनात्मक संस्करण, बंधुता एवं विवाह अनेक नियम और व्यवहार की विभिन्नता, सामाजिक विषमताएँ वर्ण व्यवस्था के दायरे में और उससे परे, जन्म के परे संसाधन और प्रतिष्ठा, सामाजिक विषमताओं की व्याख्या एक सामाजिक अनुबंध, साहित्यिक स्रोतों का इस्तेमाल इतिहासकार और महाभारत, एक गतिशील ग्रंथ.
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