Advertisements
Chapters
2: ल्हासा की ओर
3: उपभोक्तावाद की संस्कृति
4: साँवले सपनों की याद
5: नाना साहब की पुत्री देवी मैना को भस्म कर दिया गया
▶ 6: प्रेमचंद के फटे जूते
7: मेरे बचपन के दिन
8: एक कुत्ता और एक मैना
9: साखियाँ एवं सबद
10: वाख
11: सवैये
12: कैदी और कोकिला
13: ग्राम श्री
14: चंद्र गहना से लौटती बेर
15: मेघ आए
16: यमराज की दिशा
17: बच्चे काम पर जा रहे हैं
![NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ chapter 6 - प्रेमचंद के फटे जूते NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ chapter 6 - प्रेमचंद के फटे जूते - Shaalaa.com](/images/hindi-kshitij-bhag-1-english-class-9_6:33f2639a8bfb450abc3c6fe38f7071ad.jpg)
Advertisements
Solutions for Chapter 6: प्रेमचंद के फटे जूते
Below listed, you can find solutions for Chapter 6 of CBSE NCERT for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९.
NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ 6 प्रेमचंद के फटे जूते प्रश्न अभ्यास [Pages 65 - 66]
हरिशंकर परसाई ने प्रेमचंद का जो शब्दचित्र हमारे सामने प्रस्तुत किया है उससे प्रेमचंद के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताएँ उभरकर आती हैं?
सही कथन के सामने(✓) का निशान लगाइए -
(क) बाएँ पाँव का जूता ठीक है मगर दाहिने जूते में बड़ा छेद हो गया है जिसमें से अँगुली बाहर निकल आई है।
(ख) लोग तो इत्र चुपड़कर फोटो खिंचाते हैं जिससे फोटो में खुशबू आ जाए।
(ग) तुम्हारी यह व्यंग्य मुसकान मेरे हौसले बढ़ाती है।
(घ) जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ अँगूठे से इशारा करते हो?
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
जूता हमेशा टोपी से कीमती रहा है। अब तो जूते की कीमत और बढ़ गई है और एक जूते पर पचीसों टोपियाँ न्योछावर होती हैं।
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
तुम परदे का महत्व ही नहीं जानते, हम परदे पर कुर्बान हो रहे हैं।
नीचे दी गई पंक्ति में निहित व्यंग्य को स्पष्ट कीजिए -
जिसे तुम घृणित समझते हो, उसकी तरफ़ हाथ की नहीं, पाँव की अँगुली से इशारा करते हो?
पाठ में एक जगह पर लेखक सोचता है कि 'फोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी?’ लेकिन अगले ही पल वह विचार बदलता है कि ‘नहीं, इस आदमी की अलग-अलग पोशाकें नहीं होंगी।’ आपके अनुसार इस संदर्भ में प्रेमचंद के बारे में लेखक के विचार बदलने की क्या वजहें हो सकती हैं?
आपने यह व्यंग्य पढ़ा। इसे पढ़कर आपको लेखक की कौन सी बातें आकर्षित करती हैं?
पाठ में 'टीले' शब्द का प्रयोग किन संदर्भों को इंगित करने के लिए किया गया होगा?
प्रेमचंद के फटे जूते को आधार बनाकर परसाई जी ने यह व्यंग्य लिखा है। आप भी किसी व्यक्ति की पोशाक को आधार बनाकर एक व्यंग्य लिखिए।
आपकी दृष्टि में वेश-भूषा के प्रति लोगों की सोच में आज क्या परिवर्तन आया है?
पाठ में आए मुहावरे छाँटिए और उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
प्रेमचंद के व्यक्तित्व को उभारने के लिए लेखक ने जिन विशेषणों का उपयोग किया है उनकी सूची बनाइए।
NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ 6 प्रेमचंद के फटे जूते अतिरिक्त प्रश्न
लेखक की दृष्टि प्रेमचंद के जूते पर क्यों अटक गई?
फ़ोटो खिंचाने की अगर यह पोशाक है तो पहनने की कैसी होगी? के आधार पर प्रेमचंद की वेश-भूषा के बारे में लिखिए।
प्रेमचंद ने अपने फटे जूते को ढंकने का प्रयास क्यों नहीं किया होगा?
प्रेमचंद के चेहरे पर कैसी मुसकान थी और क्यों?
‘मगर यह कितनी बड़ी ट्रेजडी है’, लेखिका ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है?
‘जूता हमेशा कीमती रहा है’-ऐसा कहकर लेखक ने समाज की किस विसंगति पर प्रकाश डाला है?
लेखक अपने जूते को अच्छा नहीं मानता वह अच्छा दिखता है, क्यों?
प्रेमचंद का जूता फटने के प्रति लेखक ने क्या-क्या आशंका प्रकट की है?
लेखक द्वारा कुंभनदास का उदाहरण किस संदर्भ में दिया गया है?
प्रेमचंद ऐसी वेष-भूषा में फ़ोटो खिंचाने को क्यों तैयार हो गए होंगे? पाठ के आधार पर लिखिए।
यदि अन्य लोगों की तरह प्रेमचंद भी फ़ोटो का महत्त्व समझते तो क्या करते?
लेखक ने सदियों से परत-दर-परत’ कहकर किस ओर इशारा किया है?
‘प्रेमचंद के फटे जूते’ पाठ के आधार पर प्रेमचंद की वेशभूषा एवं उनकी स्वाभाविक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
लेखक ने प्रेमचंद को जनता के लेखक’ कहकर उनकी किस विशेषता को बताना चाहा है?
लेखक ने प्रेमचंद की दशा का वर्णन करते-करते अपने बारे में भी कुछ कहकर लेखकों की स्थिति पर प्रकाश डाला है। ‘प्रेमचंद’ और लेखक ‘परसाई’ में आपको क्या-क्या समानता-विषमता दिखाई देती है? लिखिए।
Solutions for 6: प्रेमचंद के फटे जूते
![NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ chapter 6 - प्रेमचंद के फटे जूते NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ chapter 6 - प्रेमचंद के फटे जूते - Shaalaa.com](/images/hindi-kshitij-bhag-1-english-class-9_6:33f2639a8bfb450abc3c6fe38f7071ad.jpg)
NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ chapter 6 - प्रेमचंद के फटे जूते
Shaalaa.com has the CBSE Mathematics हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ CBSE solutions in a manner that help students grasp basic concepts better and faster. The detailed, step-by-step solutions will help you understand the concepts better and clarify any confusion. NCERT solutions for Mathematics हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ CBSE 6 (प्रेमचंद के फटे जूते) include all questions with answers and detailed explanations. This will clear students' doubts about questions and improve their application skills while preparing for board exams.
Further, we at Shaalaa.com provide such solutions so students can prepare for written exams. NCERT textbook solutions can be a core help for self-study and provide excellent self-help guidance for students.
Concepts covered in हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ chapter 6 प्रेमचंद के फटे जूते are गद्य (Prose) (Class 9 A).
Using NCERT हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ solutions प्रेमचंद के फटे जूते exercise by students is an easy way to prepare for the exams, as they involve solutions arranged chapter-wise and also page-wise. The questions involved in NCERT Solutions are essential questions that can be asked in the final exam. Maximum CBSE हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ students prefer NCERT Textbook Solutions to score more in exams.
Get the free view of Chapter 6, प्रेमचंद के फटे जूते हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ additional questions for Mathematics हिंदी क्षितिज भाग १ [इंग्रजी] इयत्ता ९ CBSE, and you can use Shaalaa.com to keep it handy for your exam preparation.
