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NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [इंग्रजी] इयत्ता १० chapter 2 - तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद [Latest edition]

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Chapters

    1: सूरदास - पद

▶ 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

    3: देव - सवैया और कवित्त

    4: जयशंकर प्रसाद - आत्मकथ्य

    5: सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' - उत्साह और अट नहीं रही है

    6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल

    7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना

    8: ऋतुराज - कन्यादान

    9: मंगलेश डबराल - संगतकार

    10: स्वयं प्रकाश - नेताजी का चश्मा

    11: रामवृक्ष बेनीपुरी - बालगोबिन भगत

    12: यशपाल - लखनवी अंदाज़

    13: सर्वेश्वर दयाल सक्सेना - मानवीय करुणा की दिव्या चमक

    14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी

    15: महावीरप्रसाद द्विवेदी - स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन

    16: यतींद्र मिश्र - नौबतखाने में इबादत

    17: भदंत आनंद कौसल्यायन - संस्कृति

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [इंग्रजी] इयत्ता १० chapter 2 - तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद - Shaalaa.com
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Solutions for Chapter 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

Below listed, you can find solutions for Chapter 2 of CBSE NCERT for हिंदी क्षितिज भाग २ [इंग्रजी] इयत्ता १०.


प्रश्न-अभ्यासअतिरिक्त प्रश्न
प्रश्न-अभ्यास [Pages 14 - 16]

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [इंग्रजी] इयत्ता १० 2 तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद प्रश्न-अभ्यास [Pages 14 - 16]

1Page 14

परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?

2Page 14

परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।

3Page 15

लक्ष्मण और परशुराम के संवाद का जो अंश आपको सबसे अच्छा लगा उसे अपने शब्दों में संवाद शैली में लिखिए।

4Page 15

परशुराम ने अपने विषय में सभा में क्या-क्या कहा, निम्न पद्यांश के आधार पर लिखिए -

बाल ब्रह्मचारी अति कोही। बिस्वबिदित क्षत्रियकुल द्रोही||

भुजबल भूमि भूप बिनु कीन्ही। बिपुल बार महिदेवन्ह दीन्ही||

सहसबाहुभुज छेदनिहारा। परसु बिलोकु महीपकुमारा||

मातु पितहि जनि सोचबस करसि महीसकिसोर।

गर्भन्ह के अर्भक दलन परसु मोर अति घोर||

5Page 15

लक्ष्मण ने वीर योद्धा की क्या-क्या विशेषताएँ बताई?

6Page 15

साहस और शक्ति के साथ विनम्रता हो तो बेहतर है। इस कथन पर अपने विचार लिखिए।

7.1Page 15

भाव स्पष्ट कीजिए -

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी|| 

पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारू। चहत उड़ावन फूँकि पहारू||

7.2Page 15

भाव स्पष्ट कीजिए -

इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं||

देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना||

7.3Page 15

भाव स्पष्ट कीजिए -

गाधिसू नु कह हृदय हसि मुनिहि हरियरे सूझ।

अयमय खाँड़ न ऊखमय अजहुँ न बूझ अबूझ||

8Page 15

पाठ के आधार पर तुलसी के भाषा सौंदर्य पर दस पंक्तियाँ लिखिए।

9Page 15

इस पूरे प्रसंग में व्यंग्य का अनूठा सौंदर्य है। उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।

10.1Page 15

निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

बालकु बोलि बधौं नहि तोही।

10.2Page 15

निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

कोटि कुलिस सम बचनु तुम्हारा।

10.3Page 15

निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

तुम्ह तौ कालु हाँक जनु लावा।

बार बार मोहि लागि बोलावा||

10.4Page 15

निम्नलिखित पंक्तियों में प्रयुक्त अलंकार पहचान कर लिखिए -

लखन उतर आहुति सरिस भृगुबरकोपु कृसानु।

बढ़त देखि जल सम बचन बोले रघुकुलभानु||

11Page 15

“सामाजिक जीवन में क्रोध की जरूरत बराबर पड़ती है। यदि क्रोध न हो तो मनुष्य दूसरे के द्वारा पहुँचाए जाने वाले बहुत से कष्टों की चिर-निवृत्ति का उपाय ही न कर सके।”

आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी का यह कथन इस बात की पुष्टि करता है कि क्रोध हमेशा नकारात्मक भाव लिए नहीं होता बल्कि कभी- कभी सकारात्मक भी होता है। इसके पक्ष य विपक्ष में अपना मत प्रकट कीजिए।

12Page 16

संकलित अंश में राम का व्यवहार विनयपूर्ण और संयन्न है, लक्ष्मण लगातार व्यंग्य बाणों का उपयोग करते हैं और परशुराम का व्यवहार क्रोध से भरा हुआ है। आप अपने आपको इस परिस्थिति में रखकर लिखें कि आपका व्यवहार कैसा होता?

13Page 16

अपने किसी परिचित या मित्र के स्वभाव की विशेषताएँ लिखिए।

14Page 16

दूसरों की क्षमताओं को कम नहीं समझना चाहिए-इस शीर्षक को ध्यान में रखते हुए एक कहानी लिखिए।

15Page 16

उन घटनाओं को याद करके लिखिए जब आपने अन्याय का प्रतिकार किया हो।

16Page 16

अवधी भाषा आज किन-किन क्षेत्रों में बोली जाती है?

अतिरिक्त प्रश्न

NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [इंग्रजी] इयत्ता १० 2 तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद अतिरिक्त प्रश्न

1

धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम ने राम से क्या कहा?

2

“न त मारे जैहहिं सब राजा’-परशुराम के मुँह से ऐसा सुनकर लक्ष्मण की क्या प्रतिक्रिया रही?

3

धनुष टूटने पर लक्ष्मण किन तर्कों के आधार पर राम को निर्दोष सिद्ध करने का प्रयास कर रहे थे?

4

परशुराम ने अपनी कौन-कौन-सी विशेषताओं द्वारा लक्ष्मण को डराने का प्रयास किया?

5

परशुराम को अपने फरसे पर इतना घमंड क्यों था?
अथवा
परशुराम ने अपने फरसे की क्या-क्या विशेषताएँ बताईं?

6

लक्ष्मण ने क्या-क्या कहकर परशुराम पर व्यंग्य किया?

7

लक्ष्मण अपने कुल की किस परंपरा का हवाला देकर युद्ध करने से बच रहे थे?

8

लक्ष्मण के वाक्चातुर्य पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।

9

परशुराम विश्वामित्र से लक्ष्मण की शिकायत किस तरह करते हैं?

10

लक्ष्मण ने परशुराम और उनके सुयश पर किस तरह व्यंग्य किया?

11

लक्ष्मण और श्रीराम के वचनों में मुख्य अंतर क्या था?

12

‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।

Solutions for 2: तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

प्रश्न-अभ्यासअतिरिक्त प्रश्न
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NCERT solutions for हिंदी क्षितिज भाग २ [इंग्रजी] इयत्ता १० chapter 2 - तुलसीदास - राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद

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