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Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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वस्तु तथा आवर्धक लेंस के बीच कितनी दूरी होनी चाहिए ताकि आभासी प्रतिबिंब में प्रत्येक वर्ग 6.25 mm2 क्षेत्रफल का प्रतीत हो? क्या आप आवर्धक लेंस को नेत्र के अत्यधिक निकट रखकर इन वर्गों को सुस्पष्ट देख सकेंगे।

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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किसी गैल्वेनोमीटर की कुंडली से जुड़े समतल दर्पण पर लंबवत आपतित प्रकाश दर्पण से टकराकर अपना पथ पुनः अनुरेखित करता है। गैल्वेनोमीटर की कुंडली में प्रवाहित कोई धारा दर्पण में 3.5° का परिक्षेपण उत्पन्न करती है। दर्पण के सामने 1.5 m की दूरी पर रखे परदे पर प्रकाश के परावर्ती चिह्न में कितना विस्थापन होगा?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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चित्र में कोई समोत्तल लेंस (अपवर्तनांक 1.50) किसी समतल दर्पण के फलक पर किसी द्रव की परत के संपर्क में दर्शाया गया है। कोई छोटी सुई जिसकी नोंक मुख्य अक्ष पर है, अक्ष के अनुदिश ऊपर-नीचे गति कराकर इस प्रकार समायोजित की जाती है कि सुई की नोंक का उल्टा प्रतिबिंब सुई की स्थिति पर ही बने। इस स्थिति में सुई की लेंस से दूरी 45.0 cm है। द्रव को हटाकर प्रयोग को दोहराया जाता है। नयी दूरी 30.0 cm मापी जाती है। द्रव का अपवर्तनांक क्या है?

[9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
Chapter: [9] किरण प्रकाशिकी एवं प्रकाशिक यंत्र
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पृथ्वी के पृष्ठ पर पहुँचने वाला सूर्यप्रकाश का ऊर्जा-अभिवाह (फ्लक्स) 1.388 x 103 W/m2 है। लगभग कितने फ़ोटॉन प्रति वर्ग मीटर प्रति सेकण्ड पृथ्वी पर आपतित होते हैं? यह मान लें कीकि सूर्य-प्रकाश में फ़ोटॉन का औसत तरंगदैर्घ्य 550 nm है।

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
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एक 100 w सोडियम बल्ब (लैम्प) सभी दिशाओं में एकसमान ऊर्जा विकिरित करता है। लैम्प को एक ऐसे बड़े गोले के केन्द्र पर रखा गया है जो इस पर आपतित सोडियम के सम्पूर्ण प्रकाश को अवशोषित करता है। सोडियम प्रकाश का तरंगदैर्घ्य 589 nm है।

  1. सोडियम प्रकाश से जुड़े प्रति फोटॉन की ऊर्जा कितनी है?
  2. गोले को किस दर से फोटॉन प्रदान किए जा रहे हैं?
[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
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एक पारद लैम्प, प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन की आवृत्ति निर्भरता के अध्ययन के लिए एक सुविधाजनक स्रोत है, क्योंकि यह दृश्य-स्पेक्ट्रम के पराबैंगनी (UV) से लाल छोर तक कई वर्ण-रेखाएँ उत्सर्जित करता है। रूबीडियम प्रकाश सेल के हमारे प्रयोग में, पारद (Mercury) स्रोत की निम्न वर्ण-रेखाओं का प्रयोग किया गया

λ1 = 3650 Å,

λ2 = 4047 Å,

λ3 = 4358 Å,

λ4 = 5461 Å,

λ5 = 6907 Å
निरोधी वोल्टताएँ, क्रमशः निम्न मापी गईं हैं
V01 = 1.28 v,
V02 = 0.95 v,
V03 = 0.74V,
V04 = 0.16 V,
V05 = 0V

(a) प्लैंक स्थिरांक h का मान ज्ञात कीजिए।

(b) धातु के लिए देहली आवृत्ति तथा कार्य-फलन का आकलन कीजिए।

v1 = 8.2 × 1014 Hz, v2 = 7.4 × 1014 Hz, v3 = 6.9 × 1014 Hz, v4 = 5.5 × 1014 Hz, v5 = 4.3 × 1014 Hz

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
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कुछ धातुओं के कार्य-फलन निम्न प्रकार दिए गए हैं
Na: 2.75 ev; K: 2.30 ev; Mo:417ev; Ni : 5.15 ev इनमें धातुओं में से कौन प्रकाश सेल से 1m दूर रखे गए He-cd लेसर से उत्पन्न 3300 Å तरंगदैर्घ्य के विकिरण के लिए प्रकाश-विद्युत उत्सर्जन नहीं देगा? लेसर को सेल के निकट 50 cm दूरी पर रखने पर क्या होगा?

[11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
Chapter: [11] विकिरण तथा द्रव्य की द्वैत प्रकृति
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‘पाशन श्रेणी में विद्यमान स्पेक्ट्रमी रेखाओं की लघुतम तरंगदैर्ध्य क्या है?

[12] परमाणु
Chapter: [12] परमाणु
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किसी नैज अर्द्धचालक में ऊर्जा अंतराल Eg का मान 1.2 eV है। इसकी होल गतिशीलता इलेक्ट्रॉन गतिशीलता की तुलना में काफी कम है तथा ताप पर निर्भर नहीं है। इसकी 600 K तथा 300 K पर चालकताओं का क्या अनुपात है? यह मानिए की नैज वाहक सांद्रता n की ताप निर्भरता इस प्रकार व्यक्त होती है 

`"n"_"i" = "n"_0 " exp" (("E"_"g")/(2"K"_"B""T"))`

जहाँ n0 एक स्थिरांक है।

[14] अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी - पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
Chapter: [14] अर्धचालक इलेक्ट्रॉनिकी - पदार्थ, युक्तियाँ तथा सरल परिपथ
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अब ऐसा विश्वास किया जाता है कि स्वयं प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन (जो सामान्य द्रव्य के नाभिकों का निर्माण करते हैं) और अधिक मूल इकाइयों जिन्हें क्वार्क कहते हैं, के बने हैं। प्रत्येक प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन तीन क्वार्को से मिलकर बनता है। दो प्रकार के क्वार्क होते हैं : ‘अप क्वार्क (u द्वारा निर्दिष्ट) जिन पर + (2/3)e आवेश तथा ‘डाउन क्वार्क (d द्वारा निर्दिष्ट) जिन पर (-1/3) e आवेश होता है, इलेक्ट्रॉन से मिलकर सामान्य द्रव्य बनाते हैं। (कुछ अन्य प्रकार के क्वार्क भी पाए गए हैं जो भिन्न असामान्य प्रकार का द्रव्य बनाते हैं।) प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन के सम्भावित क्वार्क संघटन सुझाइए।

[1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
Chapter: [1] वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र
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क्या सभी परिपथीय अवयवों के लिए ओम का नियम सार्वत्रिक रूप से लागू होता है? यदि नहीं, तो उन अवयवों के उदाहरण दीजिए जो ओम के नियम का पालन नहीं करते।

[3] विद्युत धारा
Chapter: [3] विद्युत धारा
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चुंबकीय आघूर्ण M = 0.32 JT-1 वाला एक छोटा छड़ चुंबक, 0.15 T के एकसमान बाह्य चुंबकीय क्षेत्र में रखा है। यदि यह छड़ क्षेत्र के तल में घूमने के लिए स्वतंत्र हो तो क्षेत्र के किस विन्यास में यह

  1. स्थायी संतुलन और
  2. अस्थायी संतुलन में होगा?

प्रत्येक स्थिति में चुंबक की स्थितिज ऊर्जा का मान बताइए।

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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यदि परिनालिका ऊर्ध्वाधर दिशा के परितः घूमने के लिए स्वतंत्र हो और इस पर क्षैतिज दिशा में एक 0.25 T का एकसमान चुंबकीय क्षेत्र लगाया जाए, तो इस परिनालिका पर लगने वाले बल आघूर्ण का परिमाण उस समय क्या होगा, जब इसकी अक्ष आरोपित क्षेत्र की दिशा से 30° का कोण बना रही हो?

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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एक चुम्बकीय द्विध्रुव दो चुम्बकीय-क्षेत्रों के प्रभाव में है। ये क्षेत्र एक-दूसरे से 60° का कोण बनाते हैं और उनमें से एक क्षेत्र का परिमाण 12 x 10-2 T है। यदि द्विध्रुव स्थायी सन्तुलन में इस क्षेत्र से 15° का कोण बनाए, तो दूसरे क्षेत्र का परिमाण क्या होगा ?

[5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
Chapter: [5] चुंबकत्व एवं द्रव्य
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क्या किसी ac परिपथ में प्रयुक्त तात्क्षणिक वोल्टता परिपथ में श्रेणीक्रम में जोड़े गए अवयवों के सिरों पर तात्क्षणिक वोल्टताओं के बीजगणितीय योग के बराबर होता है? क्या यही बात rms वोल्टताओं में भी लागू होती है?

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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प्रेरण कुण्डली के प्राथमिक परिपथ में एक संधारित्र का उपयोग करते हैं।

[7] प्रत्यावर्ती धारा
Chapter: [7] प्रत्यावर्ती धारा
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कल्पना कीजिए कि निर्वात में एक विद्युतचुम्बकीय तरंग का विद्युत क्षेत्र
E = {(3.1 N/C) cos [(1.8 rad/m) y + (5.4 x 106 rad/s) t]} `hat"i"` है।

  1. तरंग संचरण की दिशा क्या है?
  2. तरंगदैर्घ्य λ कितनी है?
  3. आवृत्ति v कितनी है?
  4. तरंग के चुम्बकीय-क्षेत्र सदिश का आयाम कितना है?
  5. तरंग के चुम्बकीय-क्षेत्र के लिए व्यंजक लिखिए।
[8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
Chapter: [8] वैद्युतचुंबकीय तरंगें
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एक द्विझिरी प्रयोग में एक मीटर दूर रखे परदे पर एक फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई 0.2° पाई गई है। उपयोग किए गए प्रकाश की तरंगदैर्ध्य 600 nm है। यदि पूरा प्रायोगिक उपकरण जल में डुबो दिया जाए तो फ्रिन्ज की कोणीय चौड़ाई क्या होगी? जल का अपवर्तनांक 4/3 लीजिए।

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
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5000 Å तरंगदैर्घ्य का प्रकाश एक समतल परावर्तक सतह पर आपतित होता है। परावर्तित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य एवं आवृत्ति क्या है? आपतन कोण के किस मान के लिए परावर्तित किरण आपतित किरण के लम्बवत होगी?

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
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एक तारे में हाइड्रोजन से उत्सर्जित 6563 Å की Hα लाइन में 15 Å का अभिरक्त-विस्थापन (red-shift) होता है। पृथ्वी से दूर जा रहे तारे की चाल का आकलन कीजिए।

[10] तरंग-प्रकाशिकी
Chapter: [10] तरंग-प्रकाशिकी
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