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Science (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions

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क्यों कहा गया?

मुहब्बत तो कस्टम से इस तरह से गुज़र जाती है कि कानून हैरान रह जाता है।

[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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हमारी ज़मीन हमारे पानी का मज़ा ही कुछ और है!

[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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फिर पलकों से कुछ सितारे टूटकर दूधिया आँचल में समा जाते हैं।

[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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किसका वतन कहाँ है- वह जो कस्टम के इस तरफ़ है या उस तरफ़।

[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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नमक कहानी में हिंदुस्तान-पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की भावनाओं, संवेदनाओं को उभारा गया है। वर्तमान संदर्भ में इन संवेदनाओं की स्थिति को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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सफ़िया की मनःस्थिति को कहानी में एक विशिष्ट संदर्भ में अलग तरह से स्पष्ट किया गया है। अगर आप सफ़िया की जगह होते/होतीं तो क्या आपकी मनःस्थिति भी वैसी ही होती? स्पष्ट कीजिए।
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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भारत-पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सुधारने के लिए दोनों सरकारें प्रयासरत हैं। व्यक्तिगत तौर पर आप इसमें क्या योगदान दे सकते/सकती हैं?
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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लेखिका ने विभाजन से उपजी विस्थापन की समस्या का चित्रण करते हुए सफ़िया व सिख बीबी के माध्यम से यह भी परोक्ष रूप से संकेत किया है कि इसमें भी विवाह की रीति के कारण स्त्री सबसे अधिक विस्थापित है। क्या आप इससे सहमत हैं?
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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विभाजन के अनेक स्वरूपों में बँटी जनता को मिलाने की अनेक भूमियाँ हो सकती हैं- रक्त संबंध, विज्ञान, साहित्य व कला। इनमें से कौन सबसे अधिक ताकतवर है और क्यों?
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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आपकी राय
मान लीजिए आप अपने मित्र के पास विदेश जा रहे/रही हैं। आप सौगात के तौर पर भारत की कौन-सी चीज़ ले जाना पसंद करेंगे/करेंगी और क्यों?
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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नीचे दिए गए वाक्यों को ध्यान में पढ़िए-

  1. हमारा वतन तो जी लाहौर ही है।
  2. क्या सब कानून हुकूमत के ही होते हैं?
सामान्यतः 'ही' निपात का प्रयोग किसी बात पर बल देने के लिए किया जाता है। ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में 'ही' के प्रयोग से अर्थ में क्या परिवर्तन आया है? स्पष्ट कीजिए। 'ही' का प्रयोग करते हुए दोनों तरह के अर्थ वाले पाँच-पाँच वाक्य बनाइए।
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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नीचे दिए गए शब्दों के हिंदी रूप लिखिए-

मुरौवत, आदमियत, अदीब, साडा, मायने, सरहद, अक्स, लबोलहजा, नफीस

[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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पंद्रह दिन यों गुज़रे कि पता ही नहीं चला- वाक्य को ध्यान से पढ़िए और इसी प्रकार के (यों, कि, ही से युक्त पाँच वाक्य बनाइए।)
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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सृजान के छड
'नमक' कहानी को लेखक ने अपने नज़रिये से अन्य पुरुष शैली में लिखा है। आप सफ़िया की नज़र से/उत्तम पुरुष शैली में इस कहानी को अपने शब्दों में कहें।
[1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
Chapter: [1.16] रज़िया सज्जाद ज़हीर : नमक
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लेखक ने शिरीष को कालजयी अवधूत (संन्यासी) की तरह क्यों माना है?

[1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
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हृदय की कोमलता को बचाने के लिए व्यवहार की कठोरता भी कभी-कभी ज़रूरी हो जाती है- प्रस्तुत पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।
[1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
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द्विवेदी जी ने शिरीष के माध्यम से कोलाहल व संघर्ष से भरी जीवन-स्थितियों में अविचल कर जिजीविषु बने रहने की सीख दी है। स्पष्ट करें।
[1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
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हाय, वह अवधूत आज कहाँ है! ऐसा कहकर लेखक ने आत्मबल पर देह-बल के वर्चस्व की वर्तमान सभ्यता के संकट की ओर संकेत किया है। कैसे?
[1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
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कवि (साहित्यकार) के लिए अनासक्त योगी की स्थिर प्रज्ञता और विदग्ध प्रेमी का हृदय-एक साथ आवश्यक है। ऐसा विचार प्रस्तुत कर लेखक ने साहित्य-कर्म के लिए बहुत ऊँचा मानदंड निर्धारित किया है। विस्तारपूर्वक समझाएँ।
[1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
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सर्वग्रासी काल की मार से बचते हुए वही दीर्घजीवी हो सकता है, जिसने अपने व्यवहार में जड़ता छोड़कर नित बदल रही स्थितियों में निरंतर अपनी गतिशीलता बनाए रखी है। पाठ के आधार पर स्पष्ट करें।
[1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
Chapter: [1.17] हजारी प्रसाद द्विदेदी : शिरीष के फूल
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