मराठी

Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions for Hindi (Core)

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi (Core)
< prev  101 to 120 of 358  next > 
भक्तिन की बेटी पर पंचायात द्वारा ज़बरन पति थोपा जाना दुर्घटना भर नहीं, बल्कि विवाह के संदर्भ में स्त्री के मानवाधिकार (विवाह करें या न करें अथवा किससे करें) इसकी स्वतंत्रता को कुचले रहने की सदियों से चली आ रही सामाजिक परंपरा का प्रतीक है। कैसे?
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :-

भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहीं। लेखिका ने ऐसा क्यों कहा होगा?

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

भक्तिन द्वारा शास्त्र के प्रश्न को सुविधा से सुलझा लेने का क्या उदाहरण लेखिका ने दिया है?

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

भक्तिन के आ जाने से महादेवी अधिक देहाती कैसे हो गईं?

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

आलो आँधारि की नायिका और लेखिका बेबी हालदार और भक्तिन के व्यक्तित्व में आप क्या समानता देखते हैं?

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined
भक्तिन की बेटी के मामले में जिस तरह का फ़ैसला पंचायत ने सुनाया, वह आज भी कोई हैरतअंगेज़ बात नहीं है। अखबारों या टी.वी. समाचारों में आनेवाली किसी ऐसी ही घटना को भक्तिन के उस प्रसंग के साथ रखकर उस पर चर्चा करें।
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined
पाँच वर्ष की वय में ब्याही जानेवाली लड़कियाँ में सिर्फ़ भक्तिन नहीं है, बल्कि आज भी हज़ारों अभागिनियाँ हैं। बाल-विवाह और उम्र के अनमेलपन वाले विवाह की अपने आस-पास हो रही घटनाओं पर दोस्तों के साथ परिचर्चा करें।
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined
महादेवी जी इस पाठ में हिरनी सोना, कुत्ता बसंत, बिल्ली गोधूलि आदि के माध्यम से पशु- पक्षी को मानवीय संवेदना से उकेरने वाली लेखिका के रूप में उभरती हैं। उन्होंने अपने घर में और भी कई पशु-पक्षी पाल रखे थे तथा उन पर रेखाचित्र भी लिखे हैं। शिक्षक की सहायता से उन्हें ढूँढकर पढ़ें। जो मेरा परिवार नाम से प्रकाशित है।
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

नीचे दिए गए विशिष्ट भाषा-प्रयोगों के उदाहरण को ध्यान से पढ़िए और इनकी अर्थ- छवि स्पष्ट कीजिए-
पहली कन्या के दो संस्करण और कर डाले

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

नीचे दिए गए विशिष्ट भाषा-प्रयोगों के उदाहरण को ध्यान से पढ़िए और इनकी अर्थ- छवि स्पष्ट कीजिए-
खोटे सिक्कों की टकसाल जैसी पत्नी

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

नीचे दिए गए विशिष्ट भाषा-प्रयोगों के उदाहरण को ध्यान से पढ़िए और इनकी अर्थ- छवि स्पष्ट कीजिए-

अस्पष्ट पुनरावृत्तियाँ और स्पष्ट सहानुभूतिपूर्ण

[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined
'बहनोई' शब्द 'बहन (स्त्री.)+ओई' से बना है। इस शब्द में हिंदी भाषा की एक अनन्य विशेषता प्रकट हुई है। पुंलिंग शब्दों में कुछ स्त्री-प्रत्यय जोड़ने से स्त्रीलिंग शब्द बनाने की एक समान प्रकिया कई भाषाओं में दिखती है, पर स्त्रीलिंग शब्द में कुछ पुं. प्रत्यय जोड़कर पुंलिंग शब्द बनाने की घटना प्रायः अन्य भाषाओं में दिखलाई नहीं पड़ती है। यहाँ पुं. प्रत्यय 'ओई' हिंदी की अपनी विशेषता है। ऐसे कुछ और शब्द उनमें लगे पुं. प्रत्ययों की हिंदी तथा और भाषाओं में खोज करें।
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

पाठ में आए लोकभाषा के इन संवादों को समझ कर इन्हें खड़ी बोली हिंदी में ढाल कर प्रस्तुत कीजिए।

  1. ई कउन बड़ी बात आय। रोटी बनाय जानित है, दाल राँघ लेइत है, साग-भाजी छँउक सकित है, आउर बाकी का रहा।
  2. हमारे मालकिन तौ रात-दिन कितबयिन माँ गड़ी रहती हैं। अब हमहूँ पढ़ै लागब तो घर-गिरिस्ती कउन देखी-सुनी।
  3. ऊ बिचारअउ तौ रात-दिन काम माँ जुकी रहती हैं, अउर तुम पचै घमती-फिरती हौ, चलौ तनिक हाथ बटाय लेउ।
  4. तब ऊ कुच्छौ करिहैं-धरिहैं ना-बस गली-गली गाउत-बजाउत फिरिहैं।
  5. तुम पचै का का बताईययहै पचास बरिस से संग रहित हैं।
  6. हम कुकुरी बिलारी न होयँ, हमार मन पुसाई तौ हम दूसरा के जाब नाहिं त तुम्हार पचै की छाती पै होरहा भूँजब और राज करब, समुझे रहौ।
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

भक्तिन पाठ में पहली कन्या के दो संस्कर जैसे प्रयोग लेखिका के खास भाषाई संस्कार की पहचान कराता है, साथ ही ये प्रयोग कथ्य को संप्रेषणीय बनाने में भी मददगार हैं। वर्तमान हिंदी में भी कुछ अन्य प्रकार की शब्दावली समाहित हुई है। नीचे कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं जिससे वक्ता की खास पसंद का पता चलता है। आप वाक्य पढ़कर बताएँ कि इमें किन तीन विशेष प्रकार की शब्दावली का प्रयोग हुआ है? इन शब्दावलियों या इनके अतिरिक्त अन्य किन्हीं विशेष शब्दावलियों का प्रयोग करते हुए आप भी कुछ वाक्य बनाएँ और कक्षा में चर्चा करें कि ऐसे प्रयोग भाषा की समृद्धि में कहाँ तक सहायक है?

  1. अरे! उससे सावधान रहना! वह नीचे से ऊपर तक वायरस से भरा हुआ है। जिस सिस्टम में जाता है उसे हैंग कर देता है।
  2. घबरा मत! मेरी इनस्वींगर के सामने उसके सारे वायरस घुटने टेकेंगे। अगर ज़्यादा फ़ाउल मारा तो रेड कार्ड दिखा के हमेशा के लिए पवेलियन भेज दूँगा।
  3. जानी टेंसन नई लेने का वो जिस स्कूल में पढ़ता है अपुन उसका हैडमास्टर है।
[1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Chapter: [1.11] महादेवी वर्मा : भक्तिन
Concept: undefined >> undefined

बाज़ार का जादू चढ़ने और उतरने पर मनुष्य पर क्या-क्या असर पड़ता है?

[1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: undefined >> undefined
बाज़ार में भगत जी के व्यक्तित्व का कौन-सा सशक्त पहलू उभरकर आता है? क्या आपकी नज़र में उनका आचरण समाज में शांति-स्थापित करने में मददगार हो सकता है?
[1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: undefined >> undefined

'बाज़ारूपन' से क्या तात्पर्य है? किस प्रकार के व्यक्ति बाज़ार को सार्थकता प्रदान करते हैं अथवा बाज़ार की सार्थकता किसमें है?

[1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: undefined >> undefined
बाज़ार किसी का लिंग, जाति, धर्म या क्षेत्र नहीं देखता; वह देखता है सिर्फ़ उसकी क्रय शक्ति को। इस रूप में वह एक प्रकार से सामाजिक समता की भी रचना कर रहा है। आप इससे कहाँ तक सहमत हैं?
[1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: undefined >> undefined

आप अपने तथा समाज से कुछ ऐसे प्रसंग का उल्लेख करें-
जब पैसा शक्ति के परिचायक के रूप में प्रतीत हुआ।

[1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: undefined >> undefined

आप अपने तथा समाज से कुछ ऐसे प्रसंग का उल्लेख करें-
जब पैसे की शक्ति काम नहीं आई।

[1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Chapter: [1.12] जैनेन्द्र कुमार : बाज़ार दर्शन
Concept: undefined >> undefined
< prev  101 to 120 of 358  next > 
Advertisements
Advertisements
CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Question Bank Solutions
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Accountancy (लेखाशास्त्र)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Economics (अर्थशास्त्र)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ English Core
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ English Elective - NCERT
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Geography (भूगोल)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Hindi (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Hindi (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ History (इतिहास)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Mathematics (गणित)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Political Science (राजनीति विज्ञान)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Psychology (मनोविज्ञान)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Core)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Sanskrit (Elective)
Question Bank Solutions for CBSE Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ Sociology (समाजशास्त्र)
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×