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Arts (Hindi Medium) इयत्ता १२ - CBSE Question Bank Solutions for Accountancy (लेखाशास्त्र)

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Accountancy (लेखाशास्त्र)
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अमित और भोला एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 है। उनके साझेदारी विलेख के अनुसार आहरणों पर ब्याज की दर 10% वार्षिक प्रभारित होनी है। वर्ष 2014 के दौरान उनके आहरण क्रमशः 24,000 रू. तथा 16,000 रू. थे। यह मानकर कि उन्होंने पूरे वर्ष नियमित रूप से राशियाँ आहरित की थी। इसी आधार पर आहरणों पर ब्याज परिकलित कीजिए।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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अरूण, बॉबी एवं चिंटू एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ विभाजन के साझेदार हैं। साझेदारी विलेख की गारंटी के अनुसार कंपनी का लाभ कुछ भी हो किंतु चिंटू को कम-से-कम 6,000 रू. प्राप्त होने हैं। चिंटू के खाते में ऐसी गारंटी की कोई भी अतिरेक अरूण के द्वारा वहन की जाएगी। एक लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जो साझेदारों के बीच लाभ के वितरण को दर्शाता, यदि मान लीजिए कि वर्ष 2016 के लिए लाभ (i) 2,50,000 रू. (ii) 3,60,000 रू. हुआ हो। 

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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राम, मोहन और सोहन एक फर्म में क्रमशः 5,00,000 रू., 2,50,000 रू. तथा 2,00,000 रु. की पूँजी के साथ साझेदार हैं। पूँजी पर 10% प्रतिवर्ष की दर से व्याज के प्रावधान के बाद लाभ को निम्नानुसार विभाजित करें। राम 1/2, मोहन 1/3 और सोहन 1/6 लेकिन राम एवं मोहन ने सोहन को कम से कम 25,000 रू. प्रति वर्ष देने की गारंटी दी है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए, पूँजी पर ब्याज प्रभारित करने से पहले, निवल लाभ 2,00,000 रु. है। आप से अपेक्षा है कि लाभ का परिकलन करें।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2016 के लिए क, ख एवं ग का निवल लाभ 60,000 रू. था और यही राशि इन साझेदारों के बीच 3: 1: 1 के अनुपात में वितरित की गई। इसके बाद यह बात पता चली कि निम्नलिखित लेन-देन को लेखा खातों में नहीं अभिलेखित किया गया है :

(i) पूँजी पर ब्याज की दर 5% प्रतिवर्ष

(ii) आहरणों पर ब्याज जो कि क के 700 रू.; ख के 500 रू.; ग के 300 रू. हैं।

(iii) साझेदारों का वेतन क के 1,000 रू.; ख के 1,500 रु. प्रति वर्ष

(iv) एक सहमतिपूर्ण कमीशन क के लिए 6,000 रु., ख के लिए 6,000 रू. जो कि एक फर्म की विशेष लेन-देन से पैदा हुआ है। समायोजन प्रविष्टियों का अभिलेखन करें।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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हैरी, पोर्टर एवं अली एक फर्म में 2: 2 : 1 के अनुपात में लाभ विभाजन करते हैं "जो कई वर्षो से विद्यमान है; लेकिन अली चाहता है कि वह भी फर्म में हैरी एवं पोर्टर के समान बराबर का लाभ का भागीदार बने। इसके साथ ही वह चाहता है कि वह लाभ विभाजन पिछले तीन वर्षो से पूर्व प्रभावी तरीके से प्राप्त हो। इस बारे में हैरी एवं पोर्टर एक समझौता करते हैं।

पिछले तीन वर्षों का लाभ

वर्ष (रु.)
2013 - 14 22,000
2014 - 15 24,000
2015 - 16 29,000

एक एकल समायोजन रोज़नामचा प्रविष्टि के द्वारा लाभ का समायोजन प्रदर्शित करें।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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31 मार्च, 2017 को एलविन, मोनू एवं अहमद के पूँजी खाते पर लाभ, आहरणों आदि के समायोजन हुए थे जो कि एलविन 80,000 रू., मोनू 60,000 रू. तथा अहमद की 40,000 रु. थी। इसके तदंतर ही यह पता चला कि पूँजी तथा आहरणों पर ब्याज छूट गया है, जिसे शामिल किया जाना था। ये साझेदार पूँजी पर 5% प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लेने के लिए अधिकृत थे। इस वर्ष के दौरान आहरण इस तरह थे: एलविन 20,000 रु., मोनू 15,000 रू. तथा अहमद 9,000 रु.। साझेदारों द्वारा आहरणों पर प्रभारित ब्याज राशि इस प्रकार थी : एलविन 500 रू., मोनू 360 रू. तथा अहमद 200 रू.। वर्ष की निवल लाभ राशि 1,20,000 रू. थी और लाभ विभाजन अनुपात 3 : 2 : 1 था।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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आज़ाद एवं बिन्नी बराबर के साझेदार हैं। उनकी पूँजी क्रमशः 40,000 रू. तथा 80,000 रू. थी। वर्ष के अंत में खातों को तैयार करने के बाद यह पता चला कि साझेदारी विलेख में प्रस्तावित 5% प्रतिवर्ष की ब्याज दर को लाभ वितरण से पहले पूँजी खातों में नहीं जमा किया गया है। यह तय किया गया कि अगले वर्ष के प्रारंभ में एक समायोजन प्रविष्टि तैयार की जाए। आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टि अभिलेखित करें।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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मोहन, विजय व अनिल साझेदार हैं, उनके पूँजी खातों में क्रमशः 30,000 रू. 25,000 रू. तथा 20,000 रू. शेष हैं। इन अंकों पर पहुँचने के साथ 31 मार्च, 2017 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ राशि 24,000 रू. साझेदारों के खातों में उनके लाभ विभाजन अनुपात में जमा किया गया। गणना के दौरान मोहन, विजय तथा अनिल का आहरण क्रमशः 5,000 रू., 4,000 रू. तथा 3,000 रू. थी। तंदतर निम्न विलोपन देखे गए।

(अ) पूँजी पर 10% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित नहीं किया गया।

(ब) आहरणों पर ब्याज मोहन 250 रू., विजय 200 रू., अनिल 150 रू. खाता पुस्तकों में अभिलेखित नहीं हुए है।
रोज़नामचा प्रविष्टि द्वारा आवश्यक सुधार अभिलेखित करें।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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अंजू, मंजू व ममता साझेदार है जिसमें उनकी स्थिर पूँजी क्रमशः 10,000 रू. 8,000 रू. व 6,000 रु. है। साझेदारी विलेख के अनुसार पूँजी पर 5% वार्षिक दर से ब्याज देय अनुमत है। लेकिन पिछले तीन वर्षों से प्रविष्टि नहीं डाली गई है। इन वर्षों के दौरान लाभ विभाजन अनुपात निम्नवत था।

वर्ष

अंजू

मंजू

ममता

2016

4

3

5

2017

3

2

1

2018

1

1

1

नए वर्ष हेतु आवश्यक एवं समायोजन प्रविष्टियाँ तैयार करें, अर्थात अप्रैल 2017 हेतु प्रविष्टियाँ दें।

[2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
Chapter: [2] साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
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साझेदार के प्रवेश के समय परिसंपत्तियों और दायित्वों के पुर्नमुल्यांकन की आवश्यकता क्यों होती है?

[3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
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क्या आप यह उचित समझते हैं कि साझेदार के प्रवेश के समय परिसंपत्तियों एवं दायित्वों का पुनर्मुल्यांकन किया जाना चाहिए। साथ ही यह भी बताएँ इसका लेखांकन व्यवहार क्या होगा?

[3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
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पुनर्मूल्यांकन के पश्चात फर्म की परिसंपत्तियों एवं दायित्व किस् मूल्य पर फर्म की पुस्तकों में दर्शाये जाते हैं। काल्पनिक तुलन पत्र की सहायता से समझाएँ।

[3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
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ख्याति के मूल्य की गणना पाँच वर्षो के औसत लाभ के 4 वर्षों के क्रय के आधार पर करें। पिछले पाँच वर्षो का लाभ इस प्रकार है:

 

राशि (रु.)

2012 40,000
2013 50,000
2014 60,000
2015 50,000
2016 60,000
[3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
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व्यवसाय में विनियोजित पूँजी 2,00,000 रुपये है। फर्म की पूँजी पर प्रत्याय की दर 15% है। वर्ष 2016-17 के दौरान फर्म में 48,000 रु. का लाभ अर्जित किया। ख्याति की गणना अधिलाभ के 3 वर्षो के क्रम के आधार पर करें।

[3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
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नीचे दिया गया तुलन पत्र अरूण, बबलू और चेतन का है जो क्रमशः `6/14`, `5/14` और `3/14` के अनुपात में लाभ व हानि का विभाजन करते हैं।

दायित्व

 

राशि
(रु.)

परिसंपन्तियाँ राशि
(रु.)

लेनदार

  9,000 भूमि और भवन  24,000

देय विपत्र

  3,000 फ़र्नीचर 3,500

पूँजी खात:

   

स्टॉक

14,000

अरूण

19,000 43,000

देनदार

12,600

बबलू

16,000

रोकड़

900

चेतन

8,000

 

 

 

  55,000

 

55,000

वे दीपक को लाभ में 1/8 भाग के लिए निम्न शर्तों पर साझेदारी फर्म में प्रवेश देते हैं:

  1. दीपक 4,200 रुपये ख्याति और 7,000 रुपये पूँजी के रूप में लाएगा।
  2. फ़र्नीचर में 12% की दर से कमी आएगी।
  3. स्टॉक में 10% की दर से कमी आएगी।
  4. 5% की दर से संदिग्ध ऋणों पर प्रावधान बनाया जाएगा।
  5. भूमि और भवन में 31,000 रुपये की वृद्धि होगी।
  6. समस्त समायोजनों के पश्चात पुराने साझेदारों के पूँजी खातों को (जो पुराने अनुपात में लाभों का विभाजन करेंगें) दीपक द्वारा व्यवसाय में लगाई गई पूँजी के आधार पर समायोजित किया जाएगा, अर्थात पुराने साझेदारों द्वारा वास्तविक धनराशि लेकर आना अथवा आहरण, जैसी भी स्थिति हो।
    रोकड़ खाता, लाभ व हानि समायोजन खाता (पुनर्मूल्यांकन खाता) और नई फर्म का प्रारंभिक तुलन पत्र तैयार करें।
[3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
Chapter: [3] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदार का प्रवेश
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सेवानिवृत्त साझेदारों को भुगतान करने के विर्भिन्न विधियों को समझाइए।

[4] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
Chapter: [4] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
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नित्य, सत्य, तथा मिथ्य साझेदार हैं जिनका लाभ व हानि विभाजन अनुपात 5: 3: 2 है। 31 मार्च, 2020 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है-

नित्य, सत्य और मिथ्य की पुस्तके
31 मार्च, 2020 को त्रलन पत्र

दायित्व

 

राशि (रु.) परिसंपन्तियाँ राशि (रु.)
लेनदार   14,000 विनियोग 10,000
सामान्य संचय   6,000 फ़र्नीचर 5,000
पूँजी:     परिसर 20,000
नित्य 30,000 80,000 पेटेंट 6,000
सत्य  30,000 मशीनरी 30,000
मिथ्य 20,000 स्टॉक 13,000
      देनदार 8,000
      बैंक 8,000
    1,00,000   1,00,000

01 मई, 2017 को मिथ्य की मृत्यु होती है। साझेदारों तथा मिथ्य के उत्तराधिकारी के बीच में समझौता इस प्रकार है:

(अ) फर्म की ख्याति का मूल्यांकन चार वर्ष के औसत लाभ के `2 1/2` गुणें के बराबर होगा। चार वर्ष का लाभ है :
2017 में 13,000 रुपये, 2018 में 12,000 रुपये, 2019 में 16,000 रूपये तथा 2020 में 15,000 रुपये

(ब) पेटेंट का मूल्यांकन 8,000 रूपये, मशीनरी 25,000 रूपये तथा परिसर 25,000 रुपये हुआ।

(स) मिथ्य के हिस्से के लाभ की गणना वर्ष 2017 के लाभ के आधार पर होगी।

(य) 4,200 रूपये का तुरंत भुगतान किया जाएगा तथा शेष राशि को 4 बराबर अर्ध-वार्षिक किश्तों में 10% की दर से ब्याज सहित किया जाएगा। ऊपरलिखित के प्रभाव को दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियों का अभिलेखन करें तथा उतराधिकारी के खाते को दर्शाइये जब तक उसका पूर्ण भुगतान न हो। 31 मार्च, 2020 को समायोजनों के प्रभाव के पश्चात, नित्य तथा सत्य का तुलन पत्र तैयार करें।

[4] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
Chapter: [4] साझेदारी फर्म का पुनर्गठन : साझेदारी की सेवानिवृति/मृत्यु
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अंशों का हरण कब किया जा सकता है?

[1] अंशपूँजी के लिए लेखांकन
Chapter: [1] अंशपूँजी के लिए लेखांकन
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अंशों का हरण शब्द की व्याख्या करें और हरण की लेखा विधि को बताएँ।

[1] अंशपूँजी के लिए लेखांकन
Chapter: [1] अंशपूँजी के लिए लेखांकन
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'एक संपार्शिवक प्रतिभूति के रूप में निर्गमित' ऋणपत्र का अर्थ बताइए।

[2] ॠणपत्रों का निर्गम एवं मोचन
Chapter: [2] ॠणपत्रों का निर्गम एवं मोचन
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