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Arts (Hindi Medium) इयत्ता ११ - CBSE Question Bank Solutions

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हमें लगता था कि हम पहाड़ हिला सकते हैं - आप किन क्षणों में ऐसा सोचते हैं?

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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राजा रवि वर्मा, मकबूल फिदा हुसैन, अमृता शेरगिल के प्रसिदध चित्रों का एक अलबम बनाइए। 

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।"  नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक मैं प्लेटफ़ॉर्म पहुँचती तब तक गाड़ी जा चुकी थी।

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।"  नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक डॉक्टर हवेली पहुँचता तब तक सेठ जी की मृत्यु हो चुकी थी।

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।" नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक रोहित दरवाज़ा बंद करता तब तक उसके साथी होली का रंग लेकर अंदर आ चुके थे।

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।" नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक रुचि कैनवास हटाती तब तक बारिश शुरू हो चुकी थी।

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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‘आत्मा का ताप’ पाठ में कई शब्द ऐसे आए हैं जिनमें ऑ का इस्तेमाल हुआ है, जैसे-ऑफ, ब्लॉक, नॉर्मल।  नीचे दिए गए शब्दों में यदि ऑ का इस्तेमाल किया जाए तो शब्द के अर्थ में क्या परिवर्तन आएगा? दोनों शब्दों का वाक्य-प्रयोग करते हुए अर्थ के अंतर को स्पष्ट कीजिए -
हाल, काफ़ी, बाल

[10] आत्मा का ताप
Chapter: [10] आत्मा का ताप
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कबीर की दृष्टि में ईश्वर एक है। इसके समर्थन में उन्होंने क्या तर्क दिए हैं?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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मानव शरीर का निर्माण किन पंच तत्वों से हुआ है?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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जैसे बाढ़ी काष्ट ही काटै अगिनि न काटै कोई।
सब घटि अंतरि तूँही व्यापक धरै सरूपै सोई॥

इसके आधार पर बताइए कि कबीर की दृष्टि में ईश्वर का क्या स्वरूप है?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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कबीर ने अपने को दीवाना क्यों कहा है?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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कबीर ने ऐसा क्यों कहा है कि संसार बौरा गया है?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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कबीर ने नियम और धर्म का पालन करनेवाले लोगों की किन कमियों की ओर संकेत किया है?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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अज्ञानी गुरुओं की शरण में जाने पर शिष्यों की क्या गति होती है?

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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बाह्याडंबरों की अपेक्षा स्वयं (आत्म) को पहचानने की बात किन पंक्तियों में कही गई है? उन्हें अपने शब्दों में लिखें।

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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अन्य संत कवियों नानक, दादू और रैदास आदि के ईश्वर संबंधी विचारों का संग्रह करें और उन पर एक परिचर्चा करें।

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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कबीर के पदों को शास्त्रीय संगीत और लोक संगीत दोनों में लयबद्ध भी किया गया है। जैसे- कुमारगंधर्व, भारती बंधु और प्रहलाद सिंह टिपाणिया आदि द्वारा गाए गए पद। इनके कैसेट्स अपने पुस्तकालय के लिए मँगवाएँ और पाठ्यपुस्तक के पदों को भी लयबद्ध करने का प्रयास करें।

[11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
Chapter: [11] हम तौ एक एक करि जांनां, संतों देखत जग बौराना
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मीरा कृष्ण की उपासना किस रूप में करती हैं? वह रूप कैसा है?

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
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भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –

"अंसुवन जल सींचि-सचि, प्रेम-बेलि बोयी
अब त बेलि फैलि गई, आणंद-फल होयी"

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
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भाव व शिल्प सौंदर्य स्पष्ट कीजिए –

"दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से विलोयी
दधि मथि घृत काढ़ि लियो, डारि दयी छोयी"

[12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
Chapter: [12] मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई, पग घुँघरू बाधि मीरां नाची
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