मराठी

English Medium इयत्ता १० - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - A

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय
Advertisements
Advertisements
Hindi Course - A
< prev  561 to 580 of 890  next > 

निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के लिए सही विकल्प का चयन कर लिखिए -

या अपने ही सरगम को लाँघकर
चला जाता है भटकता हुआ एक अनहद में
तब संगतकार की स्थायी को सँभाले रहता है
जैसे समेटता हो मुख्य गायक का पीछे छूटा हुआ सामान
जैसे उसे याद दिलाता हो उसका बचपन
जब वह नौसिखिया था
तारसप्तक में जब बैठने लगता है उसका गला
प्रेरणा साथ छोड़ती हुई उत्साह अस्त होता हुआ
आवाज से राख जैसा कुछ गिरता हुआ
तभी मुख्य गायक को ढाँढ़स बँधाता
कहीं से चला आता है संगतकार का स्वर

  1.  मुख्य गायक अपने ही सरगम को किस कारण लाँघ जाता है?
    1. गाने की रौ में भटकने के कारण
    2. संगतकार द्वारा साथ देने के कारण
    3. संगतकार द्वारा साथ न देने के कारण 
    4. संगतकार नौसिखिया था
  2. मुख्य गायक कहाँ भटक जाता है?
    1. समुद्र के भँवरजाल में 
    2. बचपन की स्मृतियों में
    3. तबले की ताल में
    4. शोर-गूँज के भँवरजाल में
  3. मुख्य गायक के भटकने पर संगतकार उसकी सहायता कैसे करता है?
    1. उसका सामान उठाकर
    2. उसका हाथ पकड़कर
    3. स्थायी को सँभालकर
    4. बचपन की याद दिलाकर
  4.  “जब वह नौसिखिया था”- इस वाक्य में 'वह' किसके लिए आया है?
    1. संगतकार
    2. मुख्य गायक
    3. संयोजक
    4. बाँसुरी वादक
  5.  'तारसप्तक' में जब बैठने लगता है उसका गला। यहाँ 'तारसप्तक' से क्या अभिप्राय है?
    1. धीमा स्वर 
    2. शुद्ध स्वर
    3. दुगुना धीमा स्वर
    4. दुगुना ऊँचा स्वर
[1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Chapter: [1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Concept: undefined >> undefined

गोपियाँ उद्धव को भाग्यवान मानती हैं क्योंकि -

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

परशुराम के क्रोधित होने का कारण था -

[1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: undefined >> undefined

भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?

[1.17] भदंत आनंद कौसल्यायन : संस्कृति
Chapter: [1.17] भदंत आनंद कौसल्यायन : संस्कृति
Concept: undefined >> undefined

'नवाब साहब ने खीरे बाहर फेंक दिए' - आपकी दृष्टि में उनका यह व्यवहार कहाँ तक उचित है?

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: undefined >> undefined

भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: undefined >> undefined

'आत्मकथ्य' से उद्धृत निम्नलिखित काव्य-पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए -

“उसकी स्मृति पाथेय बनी है थके पथिक की पंथा की।”

[1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Chapter: [1.04] जयशंकर प्रसाद : आत्मकथ्य
Concept: undefined >> undefined

“मिट्टी के गुण-धर्म को सुरक्षित कैसे रखा जा सकता है?” 'फसल' कविता के आधार पर लिखिए।

[1.06] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Chapter: [1.06] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी/वस्तूपरक प्रश्नों के उत्तर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए।

हम धरती के बेटे बड़े कमेरे हैं।
भरी थकन में सोते फिर भी -
उठते बड़े सवेरे हैं।।

धरती की सेवा करते हैं
कभी न मेहनत से डरते हैं
लू हो चाहे ठंड सयानी
चाहे झर-झर बरसे पानी
ये तो मौसम हैं हमने
तूफ़ानों के मुँह फेरे हैं।

खेत लगे हैं अपने घर से
हमको गरज नहीं दफ़्तर से
दूर शहर से रहने वाले
सीधे-सादे, भोले-भाले
रखवाले अपने खेतों के
जिनमें बीज बिखेरे हैं।

हाथों में लेकर हल-हँसिया
गाते नई फ़सल के रसिया
धरती को साड़ी पहनाते
दूर-दूर तक भूख मिटाते
मुट्ठी पर दानों को रखकर
कहते हैं बहुतेरे हैं

हम धरती के बेटे बड़े कमेंरे हैं।
भरी थकन में सोते फिर भी -
उठते बड़े सवेरे हैं।।

  1. 'हम धरती के बेटे बड़े कमेरे हैं!' से आशय है -
    A. हम धरती के बहुत परिश्रमी बेटे हैं।
    B. हम धरती के बहुत आलसी बेटे हैं।
    C. हम धरती के बहुत बुद्धिमान बेटे हैं।
    D. हम धरती के बहुत अज्ञानी बेटे हैं।
  2. कवि ने किसानों को 'फसलों का रसिया' कहा है क्योंकि वे -
    A. किसान फसलों को उगाते हैं
    B. किसान फसलों को काटते है।
    C. किसान फसलों से प्रेम करते हैं।
    D. किसान फसलों को बेच देते हैं।
  3. किसान 'धरती की सेवा' ______ करते हैं।
    A. खेतों में फसल उगाकर
    B. सर्दी, गर्मी, बरसात सहकर
    C. बिना विश्राम परिश्रम कर
    D. खेतों के पास घर बनाकर
  4. कथन (A) और कारण (R) पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
    कथन (A): हमारे घर खेतों के पास स्थित होते हैं।
    कारण (R): हमारे घर शहरों से दूर होते हैं।
    A. कथन (A) सही है, किंतु कारण (R) गलत है।
    B. कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
    C. कथन (A) व (R) सही हैं और कथन (A), (R) की सही व्याख्या है।
    D. कथन (A) व (R) सही हैं और कथन (A), (R) की सही व्याख्या नहीं है।
  5. 'हम किसानों ने धरती को फसलों के आवरण से ढक दिया है।' निम्नलिखित किस पंक्ति का यह आशय है -
    A. तूफानों के मुँह फेरे हैं
    B. रखवाले अपने खेतों के
    C. धरती को साड़ी पहनाते
    D. दूर-दूर तक भूख मिटाते
[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

       जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई तब भी हालदार साहब इस मूर्ति के बारे में ही सोचते रहे, और अंत में इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि कुल मिलाकर कस्बे के नागरिकों का यह प्रयास सराहनीय ही कहा जाना चाहिए। महत्त्व मूर्ति के रंग-रूप या कद का नहीं, उस भावना का है वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।

       दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में कुछ अंतर दिखाई दिया। ध्यान से देखा तो पाया कि चश्मा दूसरा है। पहले मोटे फ्रेमवाला चौकोर चश्मा था, अब तार के फ्रेमवाला गोल चश्मा है। हालदार साहब का कौतूहल और बढ़ा। वाह भई! क्या आइडिया है। मूर्ति कपड़े नहीं बदल सकती लेकिन चश्मा तो बदल ही सकती है।

  1. 'जीप कस्बा छोड़कर आगे बढ़ गई' अर्थात
    A. जीप कस्बे में बिना रुके आगे बढ़ गई।
    B. जीप कस्बे में रुक कर आगे बढ़ गई।
    C. जीप कस्बे में रुक गई।
    D. जीप कस्बे में नहीं गई।
  2. हालदार साहब किसके विषय में सोचते रहे?
    A. नेताजी के बारे में
    B. मूर्ति के बारे में
    C. चौराहे के बारे में
    D. कस्बे के बारे में
  3. 'वरना तो देशभक्ति भी आजकल मजाक की चीज़ होती जा रही है।' से आशय है...
    A. आजकल देशभक्त होना संभव नहीं है।
    B. आजकल देशभक्त होना हास्यास्पद हो गया है।
    C. आजकल सभी देशभक्त हो गए हैं।
    D. आजकल देशभक्ति की प्रासंगिकता नहीं है।
  4. दूसरी बार जब हालदार साहब उधर से गुजरे तो उन्हें मूर्ति में क्या अंतर दिखाई दिया?
    A. मूर्ति पर कोई चश्मा नहीं था।
    B. मूर्ति पर पुराना चश्मा था।
    C. मूर्ति पर एक नया चश्मा था।
    D. मूर्ति छतिग्रस्त थी।
  5. 'नेताजी का चश्मा' पाठ..
    A. देशभक्ति के भाव पर व्यंग्य करता है।
    B. देशभक्ति की प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है।
    C. देशभक्ति के महत्व को स्थापित करता है।
    D. देशभक्ति के प्रति उम्मीद जगाता है।
[1.1] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Chapter: [1.1] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Concept: undefined >> undefined

'क्षितिज' के गद्य पाठों के आधार निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्न का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए-

बालगोबिन भगत के जीवन से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

[1.11] रामवृक्ष बेनीपुरी : बालगोबिन भगत
Chapter: [1.11] रामवृक्ष बेनीपुरी : बालगोबिन भगत
Concept: undefined >> undefined

'क्षितिज' के गद्य पाठों के आधार निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्न का सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए -

अमीरउद्दीन को रसूलनबाई और बातूलनबाई के घरवाला रास्ता क्यों पसंद था?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पठित पद्यांश पर आधारित बहुविकल्पीय प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प चुनकर लिखिए - 

बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
इहाँ कुम्हड़बातिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं।।
देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
भृगुसुत समुझि जनेउ बिलोकी। जो कछु कहहु सहौं रिस रोकी।।
सुर महिसुर हरिजन अरु गाई। हमरे कुल इन्ह पर न सुराई।।
बधें पापु अपकीरति हारें। मारतहू पा परिअ तुम्हारें।।

  1. परशुराम बार-बार अपना कुठार किसे और क्यों दिखा रहे हैं?
    A. राम को भयभीत करने के लिए
    B. लक्ष्मण को भयभीत करने के लिए
    C. विश्वामित्र को भयभीत करने के लिए
    D. महाराज जनक को भयभीत करने के लिए
  2. निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति से लक्ष्मण की शक्तिशाली होने का पता चलता है:
    A. बिहसि लखनु बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी।।
    B. पुनि पुनि मोहि देखाव कुठारु। चहत उड़ावन फूँकि पहारू।।
    C. देखि कुठारु सरासन बाना। मैं कछु कहा सहित अभिमाना।।
    D. इहाँ कुम्हड़बतिया कोउ नाहीं। जे तरजनी देखि मरि जाहीं ।।
  3. रघुकुल में किन-किन के प्रति अपनी वीरता का प्रदर्शन नहीं किया जाता है?
    A. देवता, ब्राम्हण, ईश्वर भक्त और गाय पर
    B. स्त्रियों, बच्चों, ईश्वर भक्त और गाय पर
    C. देवता, राजा, वीर योद्धा और स्त्रियों पर
    D. स्त्रियों, बच्चों, राजा और गाय पर
  4. 'बिहसि लखन बोले मृदु बानी। अहो मुनीसु महाभट मानी' यह कथन ______ का उदाहरण है।
    A. व्यंग्य
    B. हास्य
    C. क्रोध
    D. वैराग्य
  5. उपर्युक्त पद्यांश में लक्ष्मण के चरित्र की कौन-सी विशेषता उजागर होती है?
    A. वीरता
    B. धैर्य
    C. शिष्टता
    D. विनम्रता
[1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: undefined >> undefined

संगतकार पाठ के अनुसार संगतकार की मुख्य विशेषता क्या होती है?

[1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Chapter: [1.09] मंगलेश डबराल : संगतकार
Concept: undefined >> undefined

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।

[1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Chapter: [1.12] यशपाल : लखनवी अंदाज़
Concept: undefined >> undefined

गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Concept: undefined >> undefined

निर्धारित कविता के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

फसल 'हाथों के स्पर्श की गरिमा और महिमा' किस प्रकार है? विचार कीजिए।

[1.06] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Chapter: [1.06] नागार्जुन : यह दंतुरित मुसकान और फसल
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -

सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं
न चंद्रमा की ठंडक में
लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है
कि दुनिया में
करूणा की कमी पड़ गई है
इतनी कम पड़ गई है करुणा कि बर्फ़ पिघल नहीं रही
नदियाँ बह नहीं रहीं झरने झर नहीं रहे
चिड़ियाँ गा नहीं रहीं गायें रँभा नहीं रहीं
कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं
कि आदमी उसमें अपना चेहरा देख सके
और उसमें तैरते बादल के टुकड़े से धो-पोंछ सके

दरअसल पानी से होकर देखो
तभी दुनिया पानीदार रहती है
उसमें पानी के गुण समा जाते हैं
वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है
पता नहीं
आने वाले लोगों को दुनिया कैसी चाहिए
कैसी हवा कैसा पानी चाहिए
पर इतना तो तय है
कि इस समय दुनिया को
ढेर सारी करुणा चाहिए। 

  1. 'दुनिया में करुणा की कमी पड़ गई है' - पंक्ति का आशय है -

    1. वातावरण में शीतलता नहीं है।
    2. जल की निर्मलता समाप्त हो गई है।
    3. लोगों में संवेदना समाप्त हो गई है।
    4. लोगों में क्रूरता बढ़ गई है।
  2. 'करुणा कि बर्फ पिघल नहीं रही' - पंक्ति में 'बर्फ़ पिघल नहीं रही' का क्या अभिप्राय है?
    1. लोग स्वार्थ में आत्मकेन्द्रित हो गए हैं।
    2. लोग दूसरों के दुःखों से द्रवीभूत नहीं हो रहे हैं।
    3. लोगों के हदय की पवित्रता समाप्त हो गई है।
    4. लोग एक-दूसरे से सहमत नहीं हो रहे हैं।
  3. 'दूसरों के दुःख-दर्द के प्रति सहानुभूति दिखाने वाले लोग नहीं हैं' - इस भाव को व्यक्त करने वाली पंक्ति है -
    1. कहीं पानी का कोई ऐसा पारदर्शी टुकड़ा नहीं।
    2. सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं।
    3. लेकिन हवा और पानी में ज़रूर कुछ ऐसा हुआ है।
    4. वरना कोरी आँखों से कौन कितना देख पाता है।
  4. 'सूरज के ताप में कहीं कोई कमी नहीं, न चंद्रमा की ठंडक में' - पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं -
    1. सूर्य की ऊर्जा में गर्मी की कमी नहीं है।
    2. चंद्रमा की चाँदनी में कोई कमी नहीं है।
    3. सूर्य और चंद्रमा के दैनिक क्रिया-कलापों में कोई परिवर्तन नहीं है?
    4. प्राकृतिक उपादानों में सहज करुणा की भावना है।
  5. इस समय समस्त विश्व को आवश्यकता है -
    1. स्वच्छ हवा 
    2. स्वच्छ पानी
    3. परोपकार
    4. करुणा
[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

निम्नलिखित पद्यांश में से बहुविकल्पीय प्रश्नों के सही उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए -

दरवाज़े से बाहर जाने से पहले
अपने जूतों के तस्मे बाँधने के लिए मैं झुकता हूँ
रोटी का कौर तोड़ने और खाने के लिए
झुकता हूँ अपनी थाली पर
जेब से अचानक गिर गई कलम या सिक्के को उठाने को
झुकता हूँ
झुकता हूँ लेकिन उस तरह नहीं
जैसे एक चापलूस की आत्मा झुकती है
किसी शक्तिशाली के सामने
जैसे लज्जित या अपमानित होकर झुकती हैं आँखें

झुकता हूँ
जैसे शब्दों को पढ़ने के लिए आँखें झुकती हैं
ताकत और अधीनता की भाषा से बाहर भी होते हैं
शब्दों और क्रियाओं के कई अर्थ
झुकता हूँ
जैसे घुटना हमेशा पेट की तरफ़ ही मुड़ता है
यह कथन सिर्फ़ शरीर के नैसर्गिक गुणों
या अवगुणों को ही व्यक्त नहीं करता
कहावतें अर्थ से ज़्यादा अभिप्राय में निवास करती हैं।

  1. किस तरह झुकना जीवन के सामान्य कार्य व्यवहार का हिस्सा नहीं है?
    1. जूते के फीते बाँधने के लिए झुकना। 
    2. खाने का कौर उठाने के लिए झुकना।
    3. ताकतवर के सामने सिर का झुकाना। 
    4. किसी गिरी वस्तु को उठाने के लिए झुकना।
  2. 'चापलूस की आत्मा' के झुकने से आप क्या समझते हैं? 
    1. किसी अधिकार सम्पन्न की खुशामद करने वाला व्यक्ति और उसकी आदतें। 
    2. अपने लाभ के लिए खुशामद करने वाले द्वारा आत्म-सम्मान को छोड़ दिया जाना।
    3. एक सत्ता सम्पन्न व्यक्ति द्वारा मज़बूर व्यक्तियों का लाभ उठाना।
    4. खुशामद पसंद व्यक्ति और उसके अनुयायियों का समूचा कार्य व्यवहार।
  3. शब्दों को पढ़ने के लिए आँखों के झुकने में किस प्रकार का भाव है?
    1. विनम्रता
    2. लज्जा
    3. अपमान
    4. आत्मालोचन
  4. "ताकत और अधीनता की भाषा से बाहर भी होते हैं शब्दों और क्रियाओं के कई अर्थ" पद्यांश के इस कथन का क्या आशय है? निम्नलिखित कथनों को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए -
    (क) शब्दों और क्रियाओं के अर्थ समाज की सत्ता-संरचना द्वारा ही तय होते हैं।
    (ख) शब्दों और क्रियाओं को बरतना मनुष्य की चेतना के अधीन है।(ग) हम चाहें तो कोई भी हमें वैसा करने को बाध्य नहीं कर सकता जिससे लज्जित एवं अपमानित होना पड़े।
    1. सिर्फ (क) 
    2. सिर्फ (ख)
    3. (क) और (ग)
    4. (ख) और (ग) 
  5. इस कविता में प्रयुक्त 'अर्थ' एवं 'अभिप्राय' का तात्पर्य क्या है?
    1. अर्थ - मतलब; अभिप्राय - नीयत
    2. अर्थ - नीयत; अभिप्राय - मतलब
    3. अर्थ - आशय; अभिप्राय - लक्ष्य
    4. अर्थ - तात्पर्य; अभिप्राय - मंसूबा
[5] अपठित विभाग
Chapter: [5] अपठित विभाग
Concept: undefined >> undefined

पानवाले ने नेताजी की मूर्ति पर चश्मा न होने का कारण बताया - 'मास्टर बनाना भूल गया' - यह उसके लिए कैसी बात थी और हालदार साहब के लिए कैसी?

[1.1] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Chapter: [1.1] स्वयं प्रकाश : नेताजी का चश्मा
Concept: undefined >> undefined
< prev  561 to 580 of 890  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×