मराठी

English Medium इयत्ता १० - CBSE Question Bank Solutions

Advertisements
[object Object]
[object Object]
विषय
मुख्य विषय
अध्याय

Please select a subject first

Advertisements
Advertisements
< prev  2361 to 2380 of 12982  next > 

गोपियों को कृष्ण में ऐसे कौन-से परिवर्तन दिखाई दिए जिनके कारण वे अपना मन वापस पा लेने की बात कहती हैं?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने अपने वाक्चातुर्य के आधार पर ज्ञानी उद्धव को परास्त कर दिया, उनके वाक्चातुर्य की विशेषताएँ लिखिए?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

Advertisements

संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने उद्धव के सामने तरह-तरह के तर्क दिए हैं, आप अपनी कल्पना से और तर्क दीजिए।

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

उद्धव ज्ञानी थे, नीति की बातें जानते थे; गोपियों के पास ऐसी कौन-सी शक्ति थी जो उनके वाक्चातुर्य में मुखिरत हो उठी?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने यह क्यों कहा कि हरि अब राजनीति पढ़ आए हैं? क्या आपको गोपियों के इस कथन का विस्तार समकालीन राजनीति में नज़र आता है, स्पष्ट कीजिए।

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने उद्धवे को बड़भागी क्यों कहा है?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

‘गुर चाँटी ज्यों पागी’ कहने से गोपियों की किस मनोदशा की अभिव्यक्ति होती है?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने अपने लिए कृष्ण को हारिल की लकड़ी के समान क्यों बताया है?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

ऐसी कौन-सी बात थी जिसे गोपियों को अपने मन में दबाए रखने के लिए विवश होना पड़ा?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

‘कमल के पत्ते’ और ‘तेल लगी गागर’ की क्या विशेषता होती है?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने स्वयं को अबला और भोली कहा है। आपकी दृष्टि से उनका ऐसा कहना कितना उपयुक्त है?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

‘प्रीति नदी में पाउँ न बोयो’ का आशय स्पष्ट कीजिए। ऐसा किसके लिए कहा गया है?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियाँ किस आधार पर विरह व्यथा सह रही थीं?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों को मदद मिलने की आशा कहाँ लगी थी, पर उनकी यह आशा निराशा में कैसे बदल गई?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियाँ अब धैर्य क्यों रखना चाहती हैं?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

उद्धव गोपियों के पाए जिस उद्देश्य से आए थे, उसमें सफल नहीं हो सके?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

गोपियों ने कृष्ण को राजधर्म की बात क्यों याद दिलाई?

[1.01] सूरदास : पद
Chapter: [1.01] सूरदास : पद
Concept: undefined >> undefined

परशुराम के क्रोध करने पर लक्ष्मण ने धनुष के टूट जाने के लिए कौन-कौन से तर्क दिए?

[1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: undefined >> undefined

परशुराम के क्रोध करने पर राम और लक्ष्मण की जो प्रतिक्रियाएँ हुईं उनके आधार पर दोनों के स्वभाव की विशेषताएँ अपने शब्दों में लिखिए।

[1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Chapter: [1.02] तुलसीदास : राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद
Concept: undefined >> undefined
< prev  2361 to 2380 of 12982  next > 
Advertisements
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×